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Jhansi News: ट्रेन में हुई यात्री की मौत, डॉक्टर के पर्चे के जरिये हुई शव की शिनाख्त
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ट्रेन में मिली युवक की लाश की चौबीस घंटे बाद शिनाख्त हो पाई। मृतक की जेब से मिली डॉक्टर की पर्ची के जरिये जीआरपी उसके परिजनों तक पहुंच पाई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
यात्रियों की ओर से शनिवार की सुबह रेलवे के कंट्रोल रूम को साबरमती एक्सप्रेस के एस-8 कोच की सीट नंबर 11 पर लाश होने की सूचना दी गई थी। इस पर सुबह साढ़े दस बजे ट्रेन के वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी स्टेशन पर पहुंचने पर जीआरपी ने शव को उतार लिया था। शव के पास से उसकी पहचान का कोई दस्तावेज नहीं मिला था। कुछ रुपये और लखनऊ के विवेकानंद हॉस्पिटल का पर्चा मिला था। तमाम कोशिशों के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। इस पर पुलिस ने विवेकानंद हॉस्पिटल के डॉक्टर से संपर्क किया और डाॅक्टर के जरिये परिजनों से संपर्क साधा। मृतक की पहचान अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना इलाके के गांव कबूलपुर निवासी प्रदीप मिश्रा (40) के रूप में हुई है। जानकारी होने पर परिजन झांसी पहुंच गए। मृतक के भतीजे शुभम मिश्रा ने बताया कि चाचा प्रदीप की दोनों किडनी खराब थीं और उनका डायलिसिस चलता था। वे सप्ताह में दो बार लखनऊ डायलिसिस कराने जाते थे। 26 जनवरी को वह अकेले साबरमती एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद उनके निधन की सूचना मिली। बता दें कि मृतक के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 18 साल की सरिता बीए में पढ़ रही है, जबकि 14 साल का बेटा शिवांग 8वीं कक्षा में पढ़ रहा है। भतीजे शुभम ने बताया कि चाचा के पास मोबाइल भी था, लेकिन वह मिला नहीं।
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300 किमी तक ट्रेन में सफर करता रहा शव
अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना इलाके के गांव कबूलपुर निवासी प्रदीप मिश्रा डायलिसिस कराने के लिए घर से लखनऊ के लिए निकले थे। माना जा रहा है कि ट्रेन के लखनऊ पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। वहां से लगभग 300 किमी का सफर तय करता हुआ शव झांसी पहुंच गया। काफी देर तक प्रदीप मिश्रा के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो सह यात्रियों ने सूचना रेलवे को दी। इसके बाद शव को झांसी में उतारा गया।
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जीआरपी झांसी की टीम को शव की शिनाख्त करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके लिए पहले लखनऊ और उसके बाद अंबेडकर नगर की पुलिस से भी संपर्क किया गया। परिजनों द्वारा मौत की वजह बीमारी बताई गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
- विपुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी जीआरपी
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झांसी। ट्रेन में मिली युवक की लाश की चौबीस घंटे बाद शिनाख्त हो पाई। मृतक की जेब से मिली डॉक्टर की पर्ची के जरिये जीआरपी उसके परिजनों तक पहुंच पाई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
यात्रियों की ओर से शनिवार की सुबह रेलवे के कंट्रोल रूम को साबरमती एक्सप्रेस के एस-8 कोच की सीट नंबर 11 पर लाश होने की सूचना दी गई थी। इस पर सुबह साढ़े दस बजे ट्रेन के वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी स्टेशन पर पहुंचने पर जीआरपी ने शव को उतार लिया था। शव के पास से उसकी पहचान का कोई दस्तावेज नहीं मिला था। कुछ रुपये और लखनऊ के विवेकानंद हॉस्पिटल का पर्चा मिला था। तमाम कोशिशों के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। इस पर पुलिस ने विवेकानंद हॉस्पिटल के डॉक्टर से संपर्क किया और डाॅक्टर के जरिये परिजनों से संपर्क साधा। मृतक की पहचान अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना इलाके के गांव कबूलपुर निवासी प्रदीप मिश्रा (40) के रूप में हुई है। जानकारी होने पर परिजन झांसी पहुंच गए। मृतक के भतीजे शुभम मिश्रा ने बताया कि चाचा प्रदीप की दोनों किडनी खराब थीं और उनका डायलिसिस चलता था। वे सप्ताह में दो बार लखनऊ डायलिसिस कराने जाते थे। 26 जनवरी को वह अकेले साबरमती एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद उनके निधन की सूचना मिली। बता दें कि मृतक के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 18 साल की सरिता बीए में पढ़ रही है, जबकि 14 साल का बेटा शिवांग 8वीं कक्षा में पढ़ रहा है। भतीजे शुभम ने बताया कि चाचा के पास मोबाइल भी था, लेकिन वह मिला नहीं।
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300 किमी तक ट्रेन में सफर करता रहा शव
अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना इलाके के गांव कबूलपुर निवासी प्रदीप मिश्रा डायलिसिस कराने के लिए घर से लखनऊ के लिए निकले थे। माना जा रहा है कि ट्रेन के लखनऊ पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। वहां से लगभग 300 किमी का सफर तय करता हुआ शव झांसी पहुंच गया। काफी देर तक प्रदीप मिश्रा के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो सह यात्रियों ने सूचना रेलवे को दी। इसके बाद शव को झांसी में उतारा गया।
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जीआरपी झांसी की टीम को शव की शिनाख्त करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके लिए पहले लखनऊ और उसके बाद अंबेडकर नगर की पुलिस से भी संपर्क किया गया। परिजनों द्वारा मौत की वजह बीमारी बताई गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
- विपुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी जीआरपी