{"_id":"597f7f304f1c1bd9148b46d8","slug":"partnership","type":"story","status":"publish","title_hn":"पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाई जाएगी पार्किंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाई जाएगी पार्किंग
amarujala
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
school jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी।
स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद अब नए सिरे से झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सदस्यों का चयन होगा। कंसल्टेंट भी तय किया जाएगा, जो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पार्किंग और ट्रैफिक प्लान तैयार करेंगे। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर पार्किंग बनाई जाएगी।
स्मार्ट सिटी के विकास के लिए पूर्व में कमेटी गठित की गई थी, इसमें तत्कालीन मंडलायुक्त के राममोहन राव कमेटी के अध्यक्ष और नगर आयुक्त अरुण प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे। दोनों अफसरों का तबादला हो जाने के बाद अब नए सिरे से कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें मंडलायुक्त अमित गुप्ता अध्यक्ष और नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया सीईओ होंगे। इसके अलावा कमेटी में झांसी विकास प्राधिकरण, जल निगम, जल संस्थान, भारत सरकार के प्रतिनिधि और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि नामित होंगे। सभी का नामांकन हो जाने के बाद कमेटी की बैठक होगी, जो कंसल्टेंट नियुक्त करेगी। कंसल्टेंट की नियुक्ति के बाद ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सिटी का ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। इसी हिसाब से शहर के विकास की प्लानिंग होगी।
उधर, बेतरतीब पार्किंग के कारण शहर में जाम के हालात बनते हैं। वाहन चालक जहां मर्जी गाड़ी खड़ी कर देते हैं। एसपीआई इंटर कालेज से लेकर जीवनशाह तिराहा तक बाइक सुधारने वालों की दुकानें खुली हैं। मैकेनिक सड़क पर ही गाड़ियां सुधारते हैं, जिससे जाम लगता है। यह स्थिति किसी एक रोड की नहीं है, बल्कि ज्यादातर सड़कों का यही आलम है। इसे देखते हुए पार्किंग की अनिवार्यता को लेकर प्लानिंग बनाई जानी है। कहां पर मल्टीलेबल पार्किंग और कहां अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाई जा सकती है, इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
विज्ञापन
पार्किंग की प्लानिंग को कमेटी गठित
पार्किंग प्लानिंग के लिए उप नगर आयुक्त अजीत सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक सत्येंद्र सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रोहन सिंह, लेखाधिकारी राजकिशोर, अधिशासी अभियंता अमित कुमार शर्मा, सहायक अभियंता मार्ग प्रकाश अजय कुमार, कानूनी सलाहकार एके श्रीवास्तव की कमेटी गठित कर दी गई है। इस कमेटी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पार्किंग की संभावनाएं तलाशनी हैं तथा कंसल्टेंट तय किया जाएगा।
प्रोजेक्टर से बताईं पार्किंग की खूबियां
प्रोजेक्टर के माध्यम से देश के विभिन्न बड़े शहरों में बनी मल्टीलेबल पार्किंग और अंडरग्राउंड पार्किंग के बारे में बताया गया। पार्किंग के लिए चयनित किए गए कोतवाली भवन, रानी महल के सामने और पुलिस लाइन के आगे वाले ग्राउंड में पार्किंग बेहतर रहेगी या नहीं, इसकी संभावनाओं पर विचार किया गया। कंसल्टेंट का चयन हो जाने के बाद वह शहर का भ्रमण कर देखेंगे कि कहां पर पार्किंग को कैसा स्वरूप दिया जा सकता है और कहां पर पार्किंग बनाने की संभावना है।
कंसल्टेंट अभी तय नहीं
कंसल्टेंट अभी तय नहीं है, लेकिन जल्द ही चयन किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर ही पार्किंग बनवाई जाएगी।
- अजीत सिंह
उप नगर आयुक्त
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद अब नए सिरे से झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सदस्यों का चयन होगा। कंसल्टेंट भी तय किया जाएगा, जो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पार्किंग और ट्रैफिक प्लान तैयार करेंगे। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर पार्किंग बनाई जाएगी।
स्मार्ट सिटी के विकास के लिए पूर्व में कमेटी गठित की गई थी, इसमें तत्कालीन मंडलायुक्त के राममोहन राव कमेटी के अध्यक्ष और नगर आयुक्त अरुण प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे। दोनों अफसरों का तबादला हो जाने के बाद अब नए सिरे से कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें मंडलायुक्त अमित गुप्ता अध्यक्ष और नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया सीईओ होंगे। इसके अलावा कमेटी में झांसी विकास प्राधिकरण, जल निगम, जल संस्थान, भारत सरकार के प्रतिनिधि और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि नामित होंगे। सभी का नामांकन हो जाने के बाद कमेटी की बैठक होगी, जो कंसल्टेंट नियुक्त करेगी। कंसल्टेंट की नियुक्ति के बाद ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सिटी का ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। इसी हिसाब से शहर के विकास की प्लानिंग होगी।
विज्ञापन
उधर, बेतरतीब पार्किंग के कारण शहर में जाम के हालात बनते हैं। वाहन चालक जहां मर्जी गाड़ी खड़ी कर देते हैं। एसपीआई इंटर कालेज से लेकर जीवनशाह तिराहा तक बाइक सुधारने वालों की दुकानें खुली हैं। मैकेनिक सड़क पर ही गाड़ियां सुधारते हैं, जिससे जाम लगता है। यह स्थिति किसी एक रोड की नहीं है, बल्कि ज्यादातर सड़कों का यही आलम है। इसे देखते हुए पार्किंग की अनिवार्यता को लेकर प्लानिंग बनाई जानी है। कहां पर मल्टीलेबल पार्किंग और कहां अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाई जा सकती है, इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
विज्ञापन
पार्किंग की प्लानिंग को कमेटी गठित
पार्किंग प्लानिंग के लिए उप नगर आयुक्त अजीत सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक सत्येंद्र सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रोहन सिंह, लेखाधिकारी राजकिशोर, अधिशासी अभियंता अमित कुमार शर्मा, सहायक अभियंता मार्ग प्रकाश अजय कुमार, कानूनी सलाहकार एके श्रीवास्तव की कमेटी गठित कर दी गई है। इस कमेटी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पार्किंग की संभावनाएं तलाशनी हैं तथा कंसल्टेंट तय किया जाएगा।
प्रोजेक्टर से बताईं पार्किंग की खूबियां
प्रोजेक्टर के माध्यम से देश के विभिन्न बड़े शहरों में बनी मल्टीलेबल पार्किंग और अंडरग्राउंड पार्किंग के बारे में बताया गया। पार्किंग के लिए चयनित किए गए कोतवाली भवन, रानी महल के सामने और पुलिस लाइन के आगे वाले ग्राउंड में पार्किंग बेहतर रहेगी या नहीं, इसकी संभावनाओं पर विचार किया गया। कंसल्टेंट का चयन हो जाने के बाद वह शहर का भ्रमण कर देखेंगे कि कहां पर पार्किंग को कैसा स्वरूप दिया जा सकता है और कहां पर पार्किंग बनाने की संभावना है।
कंसल्टेंट अभी तय नहीं
कंसल्टेंट अभी तय नहीं है, लेकिन जल्द ही चयन किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर ही पार्किंग बनवाई जाएगी।
- अजीत सिंह
उप नगर आयुक्त