करारी रेलवे स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस निकला पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना, जांच तेज
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले झांसी के गिरोह का सरगना मंडल के करारी रेलवे स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस (उप स्टेशन अधीक्षक) चंद्रशेखर झाँसिया निकला। गिरफ्तार होने के बाद उसने पहले अपने आप को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय का क्लर्क बताया था। लंबी पड़ताल के बाद पता चला कि आरोपी क्लर्क नहीं बल्कि करारी रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस है। पुलिस ने उसकी करतूत रेलवे अफसरों को भी बताई है। पुलिस को पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं।
महानगर में पेपर लीक कर सॉल्व कॉपी छात्रों तक पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा होने से हड़कंप मचा है। जिले में आरोपी राम अवतार, अभय सेन व राज गुप्ता साल्व कॉपी छात्रों तक बेचने का रैकेट चला रहे थेे। अधिकारियों व पुलिस की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र के एक कॉलेज में 26 फरवरी को दबिश देकर दो छात्रों को इंटरमीडिएट की परीक्षा देेते कपड़ा था। इनके पास से पुलिस ने लीक प्रश्न पत्र व सॉल्व कॉपी भी बरामद की थी। इनसे मिली जानकारी के बाद 27 फरवरी को रामअवतार, अभय व राज गुप्ता को गिरफ्तार किया।
साथ ही पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह पूरा नेटवर्क देवरिया जिले के एक कॉलेज से संचालित हो रहा है। खबर मिलने के बाद आईजी व एसएसपी के निर्देश पर एसओजी टीम ने इलाके में दबिश देकर 28 फरवरी को शालू खातून, शाकिब अली और एक नाबालिग बालिका को पकड़ा था।
तीनों बिहार के सिवान जिले के गुठनी थानाक्षेत्र के डड़ैला गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों की सूचना पर 29 फरवरी को झांसी के थाना प्रेेमनगर के रेलवे कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर झांसिया को पकड़ा। जो झांसी ज़िले के रैकेट का सरगना बताया गया था। चंद्रशेखर को हिरासत में लेने के बाद उसने बताया था कि वह मंडल रेलवे स्टेशन कार्यालय में क्लर्क है।
पुलिस के पता करने पर क्लर्क होने की बात झूठ निकली। आगे पूछताछ में पता चला कि आरोपी मंडल के करारी रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस है। रेल अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को मिली हैं।
फेसबुक पर शालू से दोस्ती के बाद बना सरगना
करारी रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस चंद्रशेखर झांसिया के सरगना बनने की कहानी भी बहुत फिल्मी है। दरअसल एक वर्ष पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए शालू खातून से हुई। दोनों में बातचीत होती रही। पिछले दिनों फेसबुक चैटिंग के दौरान जब चंद्रशेखर ने शालू से पूछा कि ‘तुम क्या कर रही हो’ तो शालू ने जवाब दिया कि देवरिया में एग्जाम से पहले अपने चाचा के कॉलेज के लिए बोर्ड परीक्षा के पेपर सॉल्व कर रही हूं।
इस पर चंद्रशेखर हंस दिया और इसे मजाक समझा। इस पर शालू ने कहा यह मजाक नहीं चंद्रशेखर को पेपर ओर सॉल्व कॉपी भेज कर कहा कि अगले दिन का बोर्ड का पेपर देख लेना। जब चंद्रशेखर ने अगले दिन बोर्ड का पेपर देखा तो वह दंग रह गया। प्रश्न हूबहू वही थे इसके बाद चंद्रशेखर इस रैकेट का हिस्सा बन गया। पहले उसने झांसी में तीन परिचित छात्रों को पेपर लीक किया। इसके बाद उनके जरिए पैसे लेकर धड़ाधड़ पेपर और सॉल्व कॉपी लीक किए गए।