झांसी। सालों से सुंदरीकरण की राह देख रही पानी वाली धर्मशाला का स्वरूप फरवरी तक बदल जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत काम शुरू कर दिया गया है। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से धर्मशाला में तमाम विकास कार्य कराए जाएंगे। वहीं परपंरागत खूबसूरती को बरकरार रखने के साथ इसे पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
महानगर की ऐतिहासिक पानी वाली धर्मशाला के विकास और सुंदरीकरण को लेकर बीते कई सालों से प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे थे। लेकिन हर बार प्रोजेक्ट कागजों में ही सिमट कर रह गया। इसके बाद स्मार्ट सिटी के तहत धर्मशाला की बदहाली को दूर करने के लिए पहल की गई। करीब चार करोड़ रुपये की लागत विकास कार्य कराने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले धर्मशाला में गिरने वाले नालों को टैप कर नई तकनीक से बाहर से निकाला जाएगा। साथ ही कुंड की सीढ़ियों को डेढ़ मीटर तक ऊंचा किया जाएगा। ताकि यहां पानी ओवरफ्लो न हो सके। इसके साथ ही तालाब में मौजूद जलकुंभी को हटाकर फाउंटेन लगाया जाएगा। इसके अलावा धर्मशाला के किनारे योगाशेड, बैठने के लिए सीटें, आकर्षक लैंप, शेड और आकर्षक फुटपाथ बनाया जाएगा। वहीं लोग कुंड में स्विमिंग भी कर सकेंगे। आसपास हरियाली बिखेर कर इसे सुंदर बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी अमित शर्मा का कहना है कि छह महीने में काम पूरा किया जाना है। पूरी कोशिश है कि फरवरी के अंत तक काम पूरा किया जा सके। जल्द ही इसके स्वरूप में बदलाव होगा।