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भक्तों की मुरादें पूरी करते हैं पंचमुखी महादेव
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झांसी। शहर के फूटा चौपड़ा स्थित शिवालय में पंचमुखी महादेव विराजमान हैं। सावन और शिवरात्रि पर महादेव के अनुपम रूप के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मान्यता है कि पंचमुखी महादेव के दर्शन मात्र से ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
17 वीं सदी में बनाए गए इस शिवालय में भगवान आशुतोष के साथ मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय एवं शेषनाग शैय्या पर भगवान विष्णु की तरह आराम की मुद्रा में भगवान श्रीकृष्ण के अद्भुत और मनोहारी दर्शन होते हैं। इस दिव्य मूर्ति में ब्रह्मा विष्णु और शिव भगवान श्रीकृष्ण पर पुष्प वर्षा कर रहे हैं। जबकि देवी उनके चरणों पर विराजमान हैं। इस प्राचीन शिवालय का शिखर भी काफी आकर्षक है। इस पर कई आकर्षक लघु मूर्तियां बनी हुई है। इस मंदिर को समाधि मंदिर भी कहा जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार पंचमुखी महादेव हम भक्तों पर सदैव कृपा रखते हैं, उनकी नियमित पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
पंचमुखी महादेव के दर्शन के बाद ही अन्य कार्य करती है। वह कृपालु देव हैं। रितु सक्सेना, श्रद्धालु
प्राचीन शिवालय में दर्शन मात्र से ही सभी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो जाती हैं। वह रोज यहां आते हैं। नरेंद्र, श्रद्धालु
सुबह 4 बजे रोज आकर मंदिर में महादेव का अभिषेक और पूजा तथा श्रृंगार करते हैं। सभी श्रद्धालुओं की इस मंदिर पर विशेष श्रद्धा है। रामबाबू श्रद्धालु
पंचमुखी महादेव मंदिर में पूरा शिव परिवार विराजमान है। माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय के अनुपम दर्शन होते हैं। गीता, श्रद्धालु
प्रतिदिन सुबह एवं शाम मंदिर में आरती करते हैं। फूलों से पंचमुखी महादेव का अनुपम श्रृंगार कर पूजा करते हैं। विनोद अग्रवाल, श्रद्धालु
सावन और शिवरात्रि पर काफी दूर-दूर से लोग महादेव के दर्शन के लिए आते हैं। यह बुंदेलखंड का प्राचीन शिवालय है। संतोष कुमार, श्रद्धालु
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17 वीं सदी में बनाए गए इस शिवालय में भगवान आशुतोष के साथ मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय एवं शेषनाग शैय्या पर भगवान विष्णु की तरह आराम की मुद्रा में भगवान श्रीकृष्ण के अद्भुत और मनोहारी दर्शन होते हैं। इस दिव्य मूर्ति में ब्रह्मा विष्णु और शिव भगवान श्रीकृष्ण पर पुष्प वर्षा कर रहे हैं। जबकि देवी उनके चरणों पर विराजमान हैं। इस प्राचीन शिवालय का शिखर भी काफी आकर्षक है। इस पर कई आकर्षक लघु मूर्तियां बनी हुई है। इस मंदिर को समाधि मंदिर भी कहा जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार पंचमुखी महादेव हम भक्तों पर सदैव कृपा रखते हैं, उनकी नियमित पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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पंचमुखी महादेव के दर्शन के बाद ही अन्य कार्य करती है। वह कृपालु देव हैं। रितु सक्सेना, श्रद्धालु
प्राचीन शिवालय में दर्शन मात्र से ही सभी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो जाती हैं। वह रोज यहां आते हैं। नरेंद्र, श्रद्धालु
सुबह 4 बजे रोज आकर मंदिर में महादेव का अभिषेक और पूजा तथा श्रृंगार करते हैं। सभी श्रद्धालुओं की इस मंदिर पर विशेष श्रद्धा है। रामबाबू श्रद्धालु
पंचमुखी महादेव मंदिर में पूरा शिव परिवार विराजमान है। माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय के अनुपम दर्शन होते हैं। गीता, श्रद्धालु
प्रतिदिन सुबह एवं शाम मंदिर में आरती करते हैं। फूलों से पंचमुखी महादेव का अनुपम श्रृंगार कर पूजा करते हैं। विनोद अग्रवाल, श्रद्धालु
सावन और शिवरात्रि पर काफी दूर-दूर से लोग महादेव के दर्शन के लिए आते हैं। यह बुंदेलखंड का प्राचीन शिवालय है। संतोष कुमार, श्रद्धालु