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आठ साल में बन सकीं सिर्फ दो मंजिल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:08 AM IST
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Only two floors could be built in eight years
- फोटो : demo
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दूसरे स्टेशनों से ऑन ड्यूटी आने वाले गार्ड, ड्राइवरों के लिए दांडी चौराहे के पास रनिंग रूम का निर्माण कराया जा है। पिछले आठ साल में यह इमारत सिर्फ दो मंजिल ही बन सकी है। जबकि, 2011 में इसे पूरा करने का लक्ष्य था। अब काम पूरा कराने के लिए तीसरी बार टेंडर निकाला गया है। अफसर साल के अंत तक रनिंग रूम का निर्माण पूरा होने की उम्मीद जता रहे हैं।
रेलवे दांडी चौराहे के निकट 100 बेड क्षमता के तीन मंजिला रनिंग रूम का निर्माण करा रहा है। 2007-08 में इसके निर्माण को स्वीकृति मिली थी। वर्तमान में निर्माण की अनुमानित लागत 4.91 करोड़ पर पहुंच गई है। इसके निर्माण का पहला टेंडर 17 फरवरी 09 में दिया गया था, लेकिन उसी समय बिल्डिंग मटीरियल के दाम बढ़ने पर संबंधित ठेकेदार 21 नवंबर 2011 को काम छोड़कर चले गए। दूसरा टेंडर 05 दिसंबर 2017 को हुआ, लेकिन यह ठेकेदार भी 70 फीसदी काम पूरा करने के बाद चले गए। इसके बाद रेल प्रशासन ने दो बार और टेंडर निकाले, लेकिन अधूरा काम पूरा करने के लिए कोई सामने नहीं आया। अब एक फिर टेंडर निकाले गए हैं। 28 अप्रैल तक टेंडर मांगे गए हैं।
टेंडर होते ही शुरू होगा काम
31 अक्तूबर 2017 तक इमारत बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। टेंडर होते ही बाकी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।
अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
रनिंग रूम में गार्ड और ड्राइवरों को शांतिपूर्ण और स्वस्थ माहौल मिले, इसके लिए अध्यात्मिक हॉल, स्टडी रूम, किचन, डायनिंग हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएंगी।
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रेलवे दांडी चौराहे के निकट 100 बेड क्षमता के तीन मंजिला रनिंग रूम का निर्माण करा रहा है। 2007-08 में इसके निर्माण को स्वीकृति मिली थी। वर्तमान में निर्माण की अनुमानित लागत 4.91 करोड़ पर पहुंच गई है। इसके निर्माण का पहला टेंडर 17 फरवरी 09 में दिया गया था, लेकिन उसी समय बिल्डिंग मटीरियल के दाम बढ़ने पर संबंधित ठेकेदार 21 नवंबर 2011 को काम छोड़कर चले गए। दूसरा टेंडर 05 दिसंबर 2017 को हुआ, लेकिन यह ठेकेदार भी 70 फीसदी काम पूरा करने के बाद चले गए। इसके बाद रेल प्रशासन ने दो बार और टेंडर निकाले, लेकिन अधूरा काम पूरा करने के लिए कोई सामने नहीं आया। अब एक फिर टेंडर निकाले गए हैं। 28 अप्रैल तक टेंडर मांगे गए हैं।
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टेंडर होते ही शुरू होगा काम
31 अक्तूबर 2017 तक इमारत बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। टेंडर होते ही बाकी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।
अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
रनिंग रूम में गार्ड और ड्राइवरों को शांतिपूर्ण और स्वस्थ माहौल मिले, इसके लिए अध्यात्मिक हॉल, स्टडी रूम, किचन, डायनिंग हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएंगी।
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