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महज 25 प्रतिशत बच्चे ही पहुंच रहे विद्यालय
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झांसी। माध्यमिक विद्यालयों का संचालन शुरू हुए डेढ़ माह हो चुका है। बावजूद, बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। बमुश्किल 35 से 40 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। औसतन विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों की संख्या करीब 25 प्रतिशत है। ये बच्चे भी नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं। हालांकि कक्षाओं का संचालन दो शिफ्टों में किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 से सभी स्कूल कालेज बंद थे। जनवरी 2021 में प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए छात्रों को कोविड नियमों का पालन करते हुए 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ विद्यालयों में आने की अनुमति शासन द्वारा दी गई, लेकिन सैद्धांतिक कक्षाएं ऑनलाइन चलती रहीं। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आई और शासन के निर्देश पर सभी परीक्षाएं रोक दी गईं और सभी को अगली कक्षाओं के लिए प्रोमोट कर दिया गया। संक्रमण कम होने के बाद शासन ने एक बार फिर विद्यालयों को क्रमबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया और इसके तहत बीते 16 अगस्त से नौ से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन दो शिफ्टों में शुरू कर दिया गया। इसके लिए अभिभावकों से भी सहमति पत्र भरवाया गया। डेढ़ माह बाद भी बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है।
विद्यालयों का नियमित संचालन कराया जा रहा है। अभिभावकों ने शुरू में सहमति दी थी लेकिन तीसरी लहर के संभावनाओं को देखते हुए बच्चों को विद्यालय भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि उपस्थिति शुरूआत की अपेक्षा 25 प्रतिशत तक बढ़ी है। कोमल यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक, झांसी
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कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 से सभी स्कूल कालेज बंद थे। जनवरी 2021 में प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए छात्रों को कोविड नियमों का पालन करते हुए 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ विद्यालयों में आने की अनुमति शासन द्वारा दी गई, लेकिन सैद्धांतिक कक्षाएं ऑनलाइन चलती रहीं। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आई और शासन के निर्देश पर सभी परीक्षाएं रोक दी गईं और सभी को अगली कक्षाओं के लिए प्रोमोट कर दिया गया। संक्रमण कम होने के बाद शासन ने एक बार फिर विद्यालयों को क्रमबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया और इसके तहत बीते 16 अगस्त से नौ से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन दो शिफ्टों में शुरू कर दिया गया। इसके लिए अभिभावकों से भी सहमति पत्र भरवाया गया। डेढ़ माह बाद भी बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है।
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विद्यालयों का नियमित संचालन कराया जा रहा है। अभिभावकों ने शुरू में सहमति दी थी लेकिन तीसरी लहर के संभावनाओं को देखते हुए बच्चों को विद्यालय भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि उपस्थिति शुरूआत की अपेक्षा 25 प्रतिशत तक बढ़ी है। कोमल यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक, झांसी
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