एक बार आकर तो देखिए झांसी...बार बार आने का दिल करेगा

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 01:11 AM IST
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झांसी। किला, स्मारक और इतिहास को बयां करतीं पहाड़ियां। दूर तक फैले हरे-भरे जंगल, कल-कल बहती बेतवा और अन्य नदियां। झीलें, झरना और धार्मिक स्थल। अपनी झांसी और ललितपुर में इतिहास और प्रकृति के हर रंग और अंश को समेटे हुए है। अगर आपने झांसी और ललितपुर में प्रकृति के खूबसूरत नजारे नहीं देखे, तो कुछ भी नहीं देखा। आप यहां एक बार आइये, बार-बार आने का मन करेगा।
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रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से विश्वभर में पहचाने जाने वाली अपनी झांसी में पर्यटन स्थलों की भरमार है। रानी का किला हो या महल। जराय मठ, नारायण बाग, ललितपुर का देवगढ़, दुधई, ओरछा और दतिया के धार्मिक स्थल पर्यटकों के मन को आकर्षित करते हैं। हर साल यहां लाखों पर्यटक आते हैं और यहां की प्रकृति की खूबसूरती के मुरीद हो जाते हैं। विश्व पर्यटन दिवस की शृंखला में कुछ ऐसे ही स्थानों की जानकारी आप तक पहुंचा रहे हैं।

रानी लक्ष्मीबाई का किला
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के साक्षी झांसी के ऐतिहासिक किले का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 में कराया था। यह किला बुंदेलों, मुगलों, मराठा और अंग्रेजों के अधीन रहा। 49 एकड़ मेें फैले इस किले से रानी लक्ष्मीबाई झांसी की सत्ता का संचालन करती थीं। किले में गंगाधर राव की बारादारी, शिव मंदिर, पंचमहल, गुलाम गौस खां की तोप दर्शनीय है। इसके अलावा लक्ष्मी मंदिर, गंगाधर राव छतरी, गणेश मंदिर भी प्रमुख हैं।
17 हजार कलाकृतियां समेटे राजकीय संग्रहालय
ऐतिहासिक किले के पास ही बने राजकीय संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर बुंदेली संस्कृति की करीब 17 हजार कलाकृतियां हैं। इसका निर्माण 1978 में हुआ था। यहां पर धातु पाषाण की मूर्तियां, चित्र, शिलालेख, ताम्र्रपत्र, मुहरें आदि रखी हैं।
जराय का मठ
झांसी से 20 किमी दूर झांसी-खजुराहो मार्ग पर बरुआसागर से पहले जराय मठ है। यह मंदिर नौवीं सदी का है। इसमें दीवारों पर नवग्रह और देवी देवताओं की मूर्तियां बनी हुई हैं।
दतिया पीतांबरा पीठ
देश का प्रमुख शक्ति पीठ झांसी से करीब 25 किमी दूर दतिया में स्थित है। इसका निर्माण 1920 में एक सिद्ध संत स्वामीजी ने दतिया के राजा शत्रुजीत सिंह के सहयोग से की थी। यहां मां बगलामुखी की मूर्ति है। जिनके दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
रामराजा सरकार दूर करते हैं पीड़ा
झांसी से 15 किमी दूर मध्यप्रदेश में स्थित ओरछा धार्मिक नगर है। यहां 15वीं शताब्दी में बना रामराजा सरकार का विशाल मंदिर है। यहां भगवान राम के बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं। यहां पुलिसकर्मी रोज भगवान राम को सलामी देते हैं। इसके अलावा यहां पर चतुर्भुज मंदिर, ओरछा दुर्ग, राय प्रवीण महल, जहांगीर महल, लक्ष्मीनारायण मंदिर, फूलबाग, सुंदर महल, बेतवा तट समेत तमाम दर्शनीय स्थल है।
मंदिरों का गढ़ है देवगढ़
ललितपुर से 33 किमी दूर देवगढ़ को मंदिरों का गढ़ कहा जाता है। यहां गुप्तकालीन दशावतार मंदिर के साथ 31 जैन मंदिरों की सुंदर शृंखला है। इसके साथ ही बौद्ध की गुफाएं, सिद्ध की गुफा, नहर घाटी, महावीर स्वामी वन्य विहार दर्शनीय हैं।
झीलों का अद्भुत संसार
झांसी और ललितपुर में झील और झरनों का अद्भुत संसार है। झांसी की गढ़मऊ, बरुआसागर झरना, अठौंदना, ललितपुर का कनकद्दर जल प्रपात प्रमुख है। इसके अलावा बांधों की विशाल शृंखला है। यहां हर वक्त पर्यटकों की भीड़ रहती है।

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