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अब आसान होगी मिलावट से जंग
झांसी / ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:10 AM IST
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खाद्य पदार्थों में मिलावट अब आसानी से पकड़ी जा सकेगी। जांच के लिए प्रदेश के अन्य जनपदों की ओर नहीं भागना होगा। झांसी में खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला बनकर तैयार हो गई है। यह खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सौंप दी गई है। इसी सप्ताह से नमूनों की जांच शुरू करने की तैयारी है।
महंगाई की आग में झुलस रहे आम जनमानस पर मिलावट की दोहरी मार पड़ रही है। खुले खाद्य पदार्थों के साथ-साथ नामचीन कंपनियों के खाद्य पदार्थ भी इससे अछूते नहीं हैं। इससे लोगों की जेब तो ढीली हो ही रही है, साथ ही स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लेकिन, अब मिलावट आसानी से पकड़ी जा सकेगी। प्रदेश की छठवीं खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला झांसी में बनकर तैयार हो गई है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज परिसर में स्थित इस प्रयोगशाला में संसाधन विकसित करने के लिए मार्च में प्रदेश सरकार ने 19.96 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की थी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम ने काम पूरा कर यह प्रयोगशाला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सौंप दी है। जांच के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से नमूने आने भी शुरू हो गए हैं। अब तक नौ नमूने आ भी चुके हैं। इसी सप्ताह से प्रयोगशाला में काम शुरू कर दिया जाएगा। आम जनता भी खाद्य पदार्थों की जांच करा सकेगी।
चार साल बाद हुई तैयार
झांसी। मेडिकल कालेज परिसर में खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला का उद्घाटन 11 नवंबर 2011 को हुआ था। साथ ही चार विश्लेषकों की तैनाती भी कर दी गई थी। लेकिन, इसके बाद यह अनदेखी की शिकार हो गई। लैब में जांच के लिए समुचित संसाधन न होने की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे समय गुजारते रहे। वर्तमान में लैब में एक-एक वरिष्ठ व कनिष्ठ विश्लेषक तैनात हैं।
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जांच होगी, पर कार्रवाई नहीं
झांसी। झांसी में स्थापित प्रयोगशाला में नमूने की जांच में मिलावट की पुष्टि होने के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकेगा। विभाग के अनुसार उक्त लैब में शुरुआत में केवल सर्विलांस नमूनों की ही जांच होगी। यानी कि यहां की रिपोर्ट के अनुसार दोषी पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। मिलावट मिलने पर जांच के नमूने अनिवार्य रूप से प्रदेश की अन्य प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। वहां मिलावट की पुष्टि होने पर कार्रवाई होगी।
प्रयोगशाला में एफडीए द्वारा लिए जाने वाले नमूनों की जांच होगी। साथ ही आम जनमानस भी निर्धारित शुल्क अदा कर खाद्य पदार्थों की जांच करा सकेंगे। इसी सप्ताह में जांच का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- एसके चौरसिया, प्रयोगशाला प्रभारी
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महंगाई की आग में झुलस रहे आम जनमानस पर मिलावट की दोहरी मार पड़ रही है। खुले खाद्य पदार्थों के साथ-साथ नामचीन कंपनियों के खाद्य पदार्थ भी इससे अछूते नहीं हैं। इससे लोगों की जेब तो ढीली हो ही रही है, साथ ही स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लेकिन, अब मिलावट आसानी से पकड़ी जा सकेगी। प्रदेश की छठवीं खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला झांसी में बनकर तैयार हो गई है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज परिसर में स्थित इस प्रयोगशाला में संसाधन विकसित करने के लिए मार्च में प्रदेश सरकार ने 19.96 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की थी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम ने काम पूरा कर यह प्रयोगशाला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सौंप दी है। जांच के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से नमूने आने भी शुरू हो गए हैं। अब तक नौ नमूने आ भी चुके हैं। इसी सप्ताह से प्रयोगशाला में काम शुरू कर दिया जाएगा। आम जनता भी खाद्य पदार्थों की जांच करा सकेगी।
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चार साल बाद हुई तैयार
झांसी। मेडिकल कालेज परिसर में खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला का उद्घाटन 11 नवंबर 2011 को हुआ था। साथ ही चार विश्लेषकों की तैनाती भी कर दी गई थी। लेकिन, इसके बाद यह अनदेखी की शिकार हो गई। लैब में जांच के लिए समुचित संसाधन न होने की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे समय गुजारते रहे। वर्तमान में लैब में एक-एक वरिष्ठ व कनिष्ठ विश्लेषक तैनात हैं।
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जांच होगी, पर कार्रवाई नहीं
झांसी। झांसी में स्थापित प्रयोगशाला में नमूने की जांच में मिलावट की पुष्टि होने के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकेगा। विभाग के अनुसार उक्त लैब में शुरुआत में केवल सर्विलांस नमूनों की ही जांच होगी। यानी कि यहां की रिपोर्ट के अनुसार दोषी पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। मिलावट मिलने पर जांच के नमूने अनिवार्य रूप से प्रदेश की अन्य प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। वहां मिलावट की पुष्टि होने पर कार्रवाई होगी।
प्रयोगशाला में एफडीए द्वारा लिए जाने वाले नमूनों की जांच होगी। साथ ही आम जनमानस भी निर्धारित शुल्क अदा कर खाद्य पदार्थों की जांच करा सकेंगे। इसी सप्ताह में जांच का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- एसके चौरसिया, प्रयोगशाला प्रभारी