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Jhansi News: अब मोर्चों के गठन पर टिकीं बुंदेलखंड के भाजपाइयों की उम्मीदेंं

Mon, 27 Mar 2023 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2023 12:39 AM IST
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Now the hopes of the BJP people of Bundelkhand rest on the formation of fronts
झांसी। प्रदेश संगठन की नई टीम से एक बार फिर बुंदेलखंडियों का पत्ता साफ हो चुका है। ऐसे में अगले महीने मोर्चों के गठन की अटकलों के बीच बुंदेलखंड के भाजपा नेता तरजीह मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखने वाली बात ये है कि क्या बुंदेलखंड के किसी नेता को किसी भी मोर्चे में अध्यक्ष बनाया जाएगा या नहीं।
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भाजपा के सात मोर्चे हैं। इसमें युवा, महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल है। भाजपा नेताओं ने बताया कि इनमें से किसी भी मोर्चे का अध्यक्ष बुंदेलखंड से नहीं है। हालांकि, उपाध्यक्ष और महामंत्री व कार्यकारिणी में जरूर बुंदेलखंड के भाजपा नेताओं को जगह मिली हुई है। मगर जिस तरह सरकार का फोकस बुंदेलखंड पर रहता है, उतना संगठन में नहीं दिखता।
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शनिवार को ही भाजपा ने प्रदेश संगठन की 45 सदस्यीय टीम का एलान किया है। इसमें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के कानपुर जिले से चार और फर्रुखाबाद से एक प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। मुख्यालय प्रभारी भी कानपुर से ही बनाया गया है। जबकि, झांसी, ललितपुर, जालौन समेत सात जिलों वाला बुंदेलखंड एक फिर से संगठन से गायब है।
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सूत्रों ने बताया कि अप्रैल में भाजपा मोर्चों का गठन कर सकती है। ऐसे में बुंदेलखंड के भाजपा नेताओं की निगाह अब मोर्चों के गठन पर टिकी हुई है। नेताओं को उम्मीद है कि कम से कम एक मोर्चे का अध्यक्ष तो इस बार भाजपा बुंदेलखंड से बनाएगी।
सात जिलों से एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं, झांसी के हाथ खाली
भाजपा के लिए सियासी दृष्टि से बुंदेलखंड काफी अहम है। चाहें लोकसभा हो या फिर विधानसभा, हर चुनाव में भाजपा को बुंदेलखंड से झोली भरकर वोट मिले हैं। 2014 और 2019 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में तो भाजपा यहां एक भी सीट नहीं हारी थी। 2022 में जरूर तीन सीटें गंवानी पड़ीं। मगर 16 सीरों पर पार्टी ने जीत दर्ज की। इसके बावजूद बुंदेलखंड से किसी भी विधायक को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया। दो विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया। इसमें झांसी के हाथ खाली रहे। जबकि, यहां की चारों सीटें भाजपा गठबंधन ने जीती हैं। 2017 में भी चारों सीटें भाजपा की ही झोली में आई थीं।

अप्रैल में मोर्चों का गठन होने की संभावना है। आने वाले समय में संगठन से लेकर सत्ता तक में बुंदेलखंड के नेताओं को भागीदारी मिलेगी। - अशोक राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र, भाजपा।
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