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अब गरौठा की तरफ बसेगा नया झांसी, बढ़ेगा कारोबार, विकसित होंगे रिहायशी इलाके
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झांसी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे ने जिले के सबसे पिछड़े इलाके गरौठा के लिए विकास के रास्ते खोल दिए हैं। हालांकि, बुंदेलखंड की लाइफ लाइन मानी जा रही इस सड़क से गरौठा की सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। बावजूद, कारोबारियों ने गरौठा में संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में ये क्षेत्र बड़े रिहायशी व व्यवसायिक इलाके के रूप में विकसित होगा।
शनिवार को जालौन आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। यह सड़क बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर व जालौन से सीधी जुड़ी हुई है। जबकि, झांसी के गरौठा क्षेत्र के करीब से गुजरी हुई है। उरई होते हुए इस सड़क पर चढ़कर सुगमता के साथ आगरा और दिल्ली पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा बुंदेलखंड के पांच जनपदों का रास्ता भी इस सड़क ने आसान बना दिया है। वहीं, डिफेंस कॉरिडोर भी इसी क्षेत्र में विकसित होने जा रहा है। ऐसे में कारोबारियों ने अपने लिए इस क्षेत्र में संभावनाएं तलाशना शुरू कर दी हैं। उनका मानना है कि डिफेंस कॉरिडोर में बड़ी औद्योगिक इकाइयां विकसित होंगी। वे छोटे कलपुर्जे व अन्य सामान छोटी इकाइयों से लेंगी। ऐसे में गरौठा क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर के अलावा एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित होगा। ठीक उसी तरह जिस तरह से बीएचईएल की स्थापना के बाद उसके पास बिजौली औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ था। कारोबारी गतिविधियां बढ़ने से गरौठा में तेजी से अच्छे रिहायशी इलाके भी विकसित होंगे, जिनसे स्कूल, अस्पताल, होटल व शॉपिंग सेंटर जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इन्हीं सभी संभावनाओं के मद्देनजर कारोबारियों व कॉलोनाइजरों ने इस क्षेत्र की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
गरौठा से सीधे जोड़ने की शुरू हुईं कोशिशें
झांसी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस - वे से गरौठा क्षेत्र को सीधे जोड़ने के लिए कोशिशें शुरू हो गईं हैं। क्षेत्रीय विधायक जवाहर लाल राजपूत ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया है। उन्होंने कहा कि गरौठा से एक्सप्रेस-वे तक नई फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाए। यह क्षेत्र की आवश्यकता भी है। विधायक ने विधानसभा में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर भी विकसित होने जा रहा है, ऐसे में एक्सप्रेस-वे को गरौठा से सीधे जोड़े जाना बेहद जरूरी है।
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किसी जमाने में नदियों के किनारे बस्तियां बसती थीं, लेकिन अब सड़कों किनारे शहर बसा करते हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का सबसे ज्यादा फायदा झांसी के गरौठा क्षेत्र को होने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां तेजी से रिहायशी व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके लिए झांसी ही नहीं, बल्कि बाहर के कारोबारियों ने भी संभावनाएं तलाश करना शुरू कर दी हैं।
- वीरेंद्र राय, कॉलोनाइजर व संरक्षक क्रेडाई
डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा होने के साथ ही बाहरी कारोबारियों ने गरौठा क्षेत्र में अपने लिए संभावनाएं तलाशना शुरू कर दीं थीं। अब इसके बन जाने से कारोबारी संभावनाओं को और बल मिला है। दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों के कारोबारी यहां अपनी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना करेंगे। इससे रिहायशी इलाके भी बढ़ेंगे। आने वाले दस वर्षों के भीतर गरौठा में एक नया झांसी विकसित हो जाएगा।
- उमेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष - उप्र उद्योग व्यापार मंडल
क्षेत्र के विकास का पहला दरवाजा डिफेंस कॉरिडोर ने खोला था, जबकि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इलाके में विकास के नए आयाम लेकर आया है। क्षेत्र की अभी एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि डिफेंस कॉरिडोर की वजह से गरौठा को आने वाले दिनों में एक्सप्रेस से जरूर जोड़ा जाएगा। ऐसे में क्षेत्र के सबसे पिछड़े इलाके का सबसे विकसित क्षेत्र बनना तय है।
- विपिन कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता - गरौठा
गरौठा की पहचान अब तक पिछड़े इलाके के रूप में होती रही। लेकिन, अब इसे डिफेंस कॉरिडोर व बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की वजह से पहचाना जाने लगा है। ये दोनों प्रोजेक्ट आने वाले दिनों में क्षेत्र के लिए वरदान साबित होने वाले हैं। जमीन की पर्याप्त उपलब्धता भी क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका अदा करेगी। क्षेत्र के तमाम किसान उनकी असिंचित जमीन की अच्छी कीमत मिलने की संभावना अभी से जताने लगे हैं।
- चंद्रभान सिंह परमार, ग्राम प्रधान - गुढ़ा
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शनिवार को जालौन आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। यह सड़क बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर व जालौन से सीधी जुड़ी हुई है। जबकि, झांसी के गरौठा क्षेत्र के करीब से गुजरी हुई है। उरई होते हुए इस सड़क पर चढ़कर सुगमता के साथ आगरा और दिल्ली पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा बुंदेलखंड के पांच जनपदों का रास्ता भी इस सड़क ने आसान बना दिया है। वहीं, डिफेंस कॉरिडोर भी इसी क्षेत्र में विकसित होने जा रहा है। ऐसे में कारोबारियों ने अपने लिए इस क्षेत्र में संभावनाएं तलाशना शुरू कर दी हैं। उनका मानना है कि डिफेंस कॉरिडोर में बड़ी औद्योगिक इकाइयां विकसित होंगी। वे छोटे कलपुर्जे व अन्य सामान छोटी इकाइयों से लेंगी। ऐसे में गरौठा क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर के अलावा एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित होगा। ठीक उसी तरह जिस तरह से बीएचईएल की स्थापना के बाद उसके पास बिजौली औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ था। कारोबारी गतिविधियां बढ़ने से गरौठा में तेजी से अच्छे रिहायशी इलाके भी विकसित होंगे, जिनसे स्कूल, अस्पताल, होटल व शॉपिंग सेंटर जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इन्हीं सभी संभावनाओं के मद्देनजर कारोबारियों व कॉलोनाइजरों ने इस क्षेत्र की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
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गरौठा से सीधे जोड़ने की शुरू हुईं कोशिशें
झांसी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस - वे से गरौठा क्षेत्र को सीधे जोड़ने के लिए कोशिशें शुरू हो गईं हैं। क्षेत्रीय विधायक जवाहर लाल राजपूत ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया है। उन्होंने कहा कि गरौठा से एक्सप्रेस-वे तक नई फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाए। यह क्षेत्र की आवश्यकता भी है। विधायक ने विधानसभा में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर भी विकसित होने जा रहा है, ऐसे में एक्सप्रेस-वे को गरौठा से सीधे जोड़े जाना बेहद जरूरी है।
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किसी जमाने में नदियों के किनारे बस्तियां बसती थीं, लेकिन अब सड़कों किनारे शहर बसा करते हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का सबसे ज्यादा फायदा झांसी के गरौठा क्षेत्र को होने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां तेजी से रिहायशी व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके लिए झांसी ही नहीं, बल्कि बाहर के कारोबारियों ने भी संभावनाएं तलाश करना शुरू कर दी हैं।
- वीरेंद्र राय, कॉलोनाइजर व संरक्षक क्रेडाई
डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा होने के साथ ही बाहरी कारोबारियों ने गरौठा क्षेत्र में अपने लिए संभावनाएं तलाशना शुरू कर दीं थीं। अब इसके बन जाने से कारोबारी संभावनाओं को और बल मिला है। दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों के कारोबारी यहां अपनी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना करेंगे। इससे रिहायशी इलाके भी बढ़ेंगे। आने वाले दस वर्षों के भीतर गरौठा में एक नया झांसी विकसित हो जाएगा।
- उमेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष - उप्र उद्योग व्यापार मंडल
क्षेत्र के विकास का पहला दरवाजा डिफेंस कॉरिडोर ने खोला था, जबकि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इलाके में विकास के नए आयाम लेकर आया है। क्षेत्र की अभी एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि डिफेंस कॉरिडोर की वजह से गरौठा को आने वाले दिनों में एक्सप्रेस से जरूर जोड़ा जाएगा। ऐसे में क्षेत्र के सबसे पिछड़े इलाके का सबसे विकसित क्षेत्र बनना तय है।
- विपिन कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता - गरौठा
गरौठा की पहचान अब तक पिछड़े इलाके के रूप में होती रही। लेकिन, अब इसे डिफेंस कॉरिडोर व बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की वजह से पहचाना जाने लगा है। ये दोनों प्रोजेक्ट आने वाले दिनों में क्षेत्र के लिए वरदान साबित होने वाले हैं। जमीन की पर्याप्त उपलब्धता भी क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका अदा करेगी। क्षेत्र के तमाम किसान उनकी असिंचित जमीन की अच्छी कीमत मिलने की संभावना अभी से जताने लगे हैं।
- चंद्रभान सिंह परमार, ग्राम प्रधान - गुढ़ा