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अब नहीं पूछना होगा, क्यों नहीं मिली छात्रवृत्ति
ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2016 01:11 AM IST
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झांसी। छात्रवृत्ति न मिलने पर छात्र-छात्राओं को स्कूल-कालेज प्रबंधन और समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार की कमी होने पर आवेदक के मोबाइल पर मेसेज आ जाएगा, जिसे वह ऑनलाइन दुरुस्त कर सकते हैं।
शासन ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया को पारदर्शी करने के लिए इसके ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन में त्रुटियां होने के कारण हर वर्ष हजारों बच्चों के फार्म रद्द हो जाते हैं। फार्म रद्द होने से परेशान विद्यार्थी अपने स्कूल-कालेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधक के साथ समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में चक्कर लगाते नजर आते हैं, जहां उन्हें यही जवाब मिलता है कि ‘सब लखनऊ से होता है, यहां कुछ पता नहीं चलता।’
इन जवाबों से आजिज आ चुके छात्रों को राहत देते हुए डिजीटल हो रही सरकार ने एक कदम बढ़ाया है। ऑनलाइन भरे जाने वाले फार्म में जो भी खामियां होंगी, उसकी जानकारी छात्र-छात्राओं को उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा दे दी जाएगी। एसएमएस भेजने के बाद 15 दिन खामियां सुधारने के लिए दिए जाएंगे।
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आवेदन स्वीकृत या निरस्त होने पर भी विद्यार्थियों को मेसेज भेजा जाएगा। निरस्त होने पर उसका कारण भी बताया जाएगा। इस योजना से विद्यार्थियों को होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी।
फर्जी प्रमाणपत्र की भी देंगे सूचना
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत छात्रों की ओर से आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए आय व जाति प्रमाणपत्र तथा अंकपत्र यदि फर्जी पाए जाते हैं तो इसकी सूचना भी उन्हें एसएमएस से दी जाएगी। इससे छात्र विभागीय अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रख सकेंगे।
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शासन ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया को पारदर्शी करने के लिए इसके ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन में त्रुटियां होने के कारण हर वर्ष हजारों बच्चों के फार्म रद्द हो जाते हैं। फार्म रद्द होने से परेशान विद्यार्थी अपने स्कूल-कालेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधक के साथ समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में चक्कर लगाते नजर आते हैं, जहां उन्हें यही जवाब मिलता है कि ‘सब लखनऊ से होता है, यहां कुछ पता नहीं चलता।’
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इन जवाबों से आजिज आ चुके छात्रों को राहत देते हुए डिजीटल हो रही सरकार ने एक कदम बढ़ाया है। ऑनलाइन भरे जाने वाले फार्म में जो भी खामियां होंगी, उसकी जानकारी छात्र-छात्राओं को उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा दे दी जाएगी। एसएमएस भेजने के बाद 15 दिन खामियां सुधारने के लिए दिए जाएंगे।
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आवेदन स्वीकृत या निरस्त होने पर भी विद्यार्थियों को मेसेज भेजा जाएगा। निरस्त होने पर उसका कारण भी बताया जाएगा। इस योजना से विद्यार्थियों को होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी।
फर्जी प्रमाणपत्र की भी देंगे सूचना
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत छात्रों की ओर से आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए आय व जाति प्रमाणपत्र तथा अंकपत्र यदि फर्जी पाए जाते हैं तो इसकी सूचना भी उन्हें एसएमएस से दी जाएगी। इससे छात्र विभागीय अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रख सकेंगे।