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थानों में नहीं लग सके सीसीटीवी कैमरे
ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:40 AM IST
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झांसी। आईजी कानपुर जोन द्वारा दिए गए निर्देश के बाद भी थानों में सीसीटीवी नहीं लग सके। तीन थानों में सीसीटीवी लगे भी तो वह काम नहीं कर रहे हैं।
आई जी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय ने फरियादियों की थानों पर सुनवाई नहीं होने की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने थानेदारों की जिम्मेदारी तय करने के लिए थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए थे, ताकि फुटेज से पुष्टि हो सके कि पीड़ित अपनी फरियाद लेकर थाने पर गया था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। एसएसपी और डीआईजी स्तर से मॉनीटरिंग के आदेश दिए गए थे।
शुरूआती चरण में थाना नवाबाद, सीपरी बाजार व मऊरानीपुर थानों के कार्यालय और बाहर आने-जाने के स्थान पर सीटीटीवी कैमरे लगाए गए। मॉनीटरिंग के लिए स्क्रीन थानेदारों के कार्यालयों में लगा दी गईं। कैमरे तो लग गए, लेकिन मॉनीटरिंग किसी भी स्तर पर नहीं की गई।
यही वजह है कि आज तक किसी भी अधिकारी ने थाने से फुटेज लेकर इसकी बात की तस्दीक नहीं की कि पीड़ित थाने पर फरियाद लेकर गया था या नहीं। थानों पर फरियादियों के साथ होने वाले सलूक के बारे में भी पता नहीं किया गया। स्थिति यह है कि तीनों थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। बाकी थानों में कैमरे अब तक नहीं लग सके हैं।
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आई जी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय ने फरियादियों की थानों पर सुनवाई नहीं होने की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने थानेदारों की जिम्मेदारी तय करने के लिए थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए थे, ताकि फुटेज से पुष्टि हो सके कि पीड़ित अपनी फरियाद लेकर थाने पर गया था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। एसएसपी और डीआईजी स्तर से मॉनीटरिंग के आदेश दिए गए थे।
शुरूआती चरण में थाना नवाबाद, सीपरी बाजार व मऊरानीपुर थानों के कार्यालय और बाहर आने-जाने के स्थान पर सीटीटीवी कैमरे लगाए गए। मॉनीटरिंग के लिए स्क्रीन थानेदारों के कार्यालयों में लगा दी गईं। कैमरे तो लग गए, लेकिन मॉनीटरिंग किसी भी स्तर पर नहीं की गई।
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यही वजह है कि आज तक किसी भी अधिकारी ने थाने से फुटेज लेकर इसकी बात की तस्दीक नहीं की कि पीड़ित थाने पर फरियाद लेकर गया था या नहीं। थानों पर फरियादियों के साथ होने वाले सलूक के बारे में भी पता नहीं किया गया। स्थिति यह है कि तीनों थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। बाकी थानों में कैमरे अब तक नहीं लग सके हैं।
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