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बिजलीः दो कनेक्शन मांगने पर लगेगा एक खंभा
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new poll make after two new conection
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दो बिजली कनेक्शन मांगने पर लग जाएगा एक खंभा
झांसी। विद्युत नियामक आयोग ने नई बस्तियों में कनेक्शन लेने के लिए परेशान लोगों को राहत दी है। अब अगर दो उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन मांगते हैं तो उनके लिए विभाग 40 मीटर तक लाइन खींचने व एक खंभा लगाने का खर्च स्वयं उठाएगा। अब तक यह सुविधा एक साथ तीन कनेक्शन लेने पर थी। हालांकि, अगर 15 उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन मांगेंगे तो नियम पुराना ही लागू रहेगा।
महानगर में लगातार नई बस्तियां बसती जा रही हैं। मगर उनके लिए बिजली कनेक्शन लेना आसान नहीं है। नई बस्तियों में कुछ दूरी पर विद्युत खंभे तो होते हैं, मगर 40 मीटर से अधिक की दूरी बताकर कनेक्शन देने से मना कर दिया जाता है। यही कारण है कि महानगर के बाहरी क्षेत्र में आने वाले पंचवटी, डड़ियापुरा, केके पुरी कॉलोनी, खाती बाबा, शिवाजी नगर, सूती मिल, पहूज, हंसारी, बिजौली, आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को दूर-दूर से बल्लियों के जरिए केबल डालकर बिजली का उपभोग करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए विद्युत नियामक आयोग ने 2015 में गाइड लाइन जारी की थी कि किसी भी नई बस्ती में अगर कोई तीन या इससे अधिक लोग कनेक्शन एक साथ लेते हैं, तो विभाग एक नया खंभा व तार खींचकर उनको कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि नए मकान भी बिजली से रोशन हो सकें।
नियामक आयोग ने अब इस नियम में उपभोक्ताओं को और राहत दे दी है। अब अगर दो उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं तो 40 मीटर तक एक खंभा लगाकर लाइन खींचने का काम विभाग करेगा। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने कहा कि अगर कोई नई कॉलोनी, मल्टी स्टोरी विकसित हुई हैं तो यह सुविधा वहां उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। यह सुविधा केवल गलियों के रूप में विकसित होने वाले क्षेत्रों के लिए है। विद्युत विभाग की नई गाइड लाइन के हिसाब से अगर दो लोग एक साथ कनेक्शन लेते हैं तो विभाग की तरफ से एक नया खंभा व तार विभाग की तरफ से लगाया जाएगा। इच्छुक लोग अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारी या अवर अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। अगर कोई परेशानी आती है तो संबंधित अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता से मिला जा सकता है।
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यह भी हकीकत
शासन की मंशा हर घर को बिजली से रोशन करने की है, मगर विभागीय कर्मी गुमराह कर नई बस्तियों में आशियाना बनाने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन नहीं देते या फिर खंभा लगाने का खर्चा उपभोक्ता से मांगते हैं। परिणामस्वरूप लोगों को दलालों की मदद लेनी पड़ती है। इससे लोगों को विद्युत कनेक्शन तो मिल जाता है, मगर यह सुरक्षित नहीं होता है।
मुझ से कनेक्शन लेते वक्त कहा गया था कि जल्द ही मेरे घर तक खंभा लग जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी ऐसा नहीं हो सका। 100 मीटर दूर से बल्ली के सहारे घर तक केबल डली है, जिससे हमेशा खतरा बना रहता है। कर्मचारी खंभा लगाने के रुपये मांग रहे हैं।
आशीष, पंचवटी।
बस्ती में आसपास रहने वाले हम छह लोग एक साथ कनेक्शन लेने गए थे। नियम के तहत हमने दो खंभे लगाने के लिए कहा था, लेकिन विभाग के कर्मचारी कह रहे हैं कि एक खंभा हम लगाएंगे दूसरे के रुपये जमा करना होंगे। तब से जेई के चक्कर लगा रहे हैं।
राकेश सरवरिया, पंचवटी।
जल्द वसूली के लिए जारी होगी आरसी
बिजली विभाग अब मीटर में कारस्तानी मिलने के बाद बनने वाले जुर्माने को बिल में जोड़ने की जगह उसकी जल्द वसूली के लिए आरसी (रिकवरी चालान) जारी करेगा।
बिजली विभाग का तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर सौ करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है। इसमें सबसे ज्यादा वे उपभोक्ता शामिल हैं, जिनके मीटर में कारस्तानी पकड़ी गई थी। विभाग मीटर में कारस्तानी पकड़ने पर भारी भरकम जुर्माना (दो किलोवाट पर 50 हजार से अधिक) लगाता है। बाद में जुर्माने को बिल में जोड़ दिया जाता है। इससे उपभोक्ता जल्द वह पैसा जमा नहीं करते हैं। विभाग अब ऐसे सभी उपभोक्ताओं को आरसी जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिससे राजस्व की वसूली वक्त पर हो सके।
सितंबर से लागू नई दरें
उत्तर प्रदेश नियामक आयोग ने बिजली की नई दरें सितंबर से लागू कर दी हैं। घरेलू संयोजनों में 50 से 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है। फिक्स चार्ज में भी दस रुपए बढ़ा दिए गए है। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी बढ़ोतरी की गई है।
घरेलू उपभोक्ता वर्तमान दर नई दरें
150 यूनिट तक 4.90 5.50
151 से 300 यूनिट तक 5.40 6.00
301 से 500 यूनिट तक 6.20 6.50
500 यूनिट से अधिक पर 6.50 7.0
वाणिज्यिक उपभोक्ता वर्तमान दर नई दरें
300 यूनिट तक 7.0 7.5 0
300 से 1000 यूनिट तक 8.0 8.40
1000 यूनिट से अधिक पर 8.30 8.75
ग्रामीण क्षेत्र की नई दरें
-----------------------
100 यूनिट तक 3.35
101 से 150 3.85
151 से 300 5.0
301 से 500 5.50
500 6.0
दरें: रुपये प्रति यूनिट में।
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झांसी। विद्युत नियामक आयोग ने नई बस्तियों में कनेक्शन लेने के लिए परेशान लोगों को राहत दी है। अब अगर दो उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन मांगते हैं तो उनके लिए विभाग 40 मीटर तक लाइन खींचने व एक खंभा लगाने का खर्च स्वयं उठाएगा। अब तक यह सुविधा एक साथ तीन कनेक्शन लेने पर थी। हालांकि, अगर 15 उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन मांगेंगे तो नियम पुराना ही लागू रहेगा।
महानगर में लगातार नई बस्तियां बसती जा रही हैं। मगर उनके लिए बिजली कनेक्शन लेना आसान नहीं है। नई बस्तियों में कुछ दूरी पर विद्युत खंभे तो होते हैं, मगर 40 मीटर से अधिक की दूरी बताकर कनेक्शन देने से मना कर दिया जाता है। यही कारण है कि महानगर के बाहरी क्षेत्र में आने वाले पंचवटी, डड़ियापुरा, केके पुरी कॉलोनी, खाती बाबा, शिवाजी नगर, सूती मिल, पहूज, हंसारी, बिजौली, आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को दूर-दूर से बल्लियों के जरिए केबल डालकर बिजली का उपभोग करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए विद्युत नियामक आयोग ने 2015 में गाइड लाइन जारी की थी कि किसी भी नई बस्ती में अगर कोई तीन या इससे अधिक लोग कनेक्शन एक साथ लेते हैं, तो विभाग एक नया खंभा व तार खींचकर उनको कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि नए मकान भी बिजली से रोशन हो सकें।
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नियामक आयोग ने अब इस नियम में उपभोक्ताओं को और राहत दे दी है। अब अगर दो उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन के लिए आवेदन करते हैं तो 40 मीटर तक एक खंभा लगाकर लाइन खींचने का काम विभाग करेगा। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने कहा कि अगर कोई नई कॉलोनी, मल्टी स्टोरी विकसित हुई हैं तो यह सुविधा वहां उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। यह सुविधा केवल गलियों के रूप में विकसित होने वाले क्षेत्रों के लिए है। विद्युत विभाग की नई गाइड लाइन के हिसाब से अगर दो लोग एक साथ कनेक्शन लेते हैं तो विभाग की तरफ से एक नया खंभा व तार विभाग की तरफ से लगाया जाएगा। इच्छुक लोग अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारी या अवर अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। अगर कोई परेशानी आती है तो संबंधित अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता से मिला जा सकता है।
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शासन की मंशा हर घर को बिजली से रोशन करने की है, मगर विभागीय कर्मी गुमराह कर नई बस्तियों में आशियाना बनाने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन नहीं देते या फिर खंभा लगाने का खर्चा उपभोक्ता से मांगते हैं। परिणामस्वरूप लोगों को दलालों की मदद लेनी पड़ती है। इससे लोगों को विद्युत कनेक्शन तो मिल जाता है, मगर यह सुरक्षित नहीं होता है।
मुझ से कनेक्शन लेते वक्त कहा गया था कि जल्द ही मेरे घर तक खंभा लग जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी ऐसा नहीं हो सका। 100 मीटर दूर से बल्ली के सहारे घर तक केबल डली है, जिससे हमेशा खतरा बना रहता है। कर्मचारी खंभा लगाने के रुपये मांग रहे हैं।
आशीष, पंचवटी।
बस्ती में आसपास रहने वाले हम छह लोग एक साथ कनेक्शन लेने गए थे। नियम के तहत हमने दो खंभे लगाने के लिए कहा था, लेकिन विभाग के कर्मचारी कह रहे हैं कि एक खंभा हम लगाएंगे दूसरे के रुपये जमा करना होंगे। तब से जेई के चक्कर लगा रहे हैं।
राकेश सरवरिया, पंचवटी।
जल्द वसूली के लिए जारी होगी आरसी
बिजली विभाग अब मीटर में कारस्तानी मिलने के बाद बनने वाले जुर्माने को बिल में जोड़ने की जगह उसकी जल्द वसूली के लिए आरसी (रिकवरी चालान) जारी करेगा।
बिजली विभाग का तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर सौ करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है। इसमें सबसे ज्यादा वे उपभोक्ता शामिल हैं, जिनके मीटर में कारस्तानी पकड़ी गई थी। विभाग मीटर में कारस्तानी पकड़ने पर भारी भरकम जुर्माना (दो किलोवाट पर 50 हजार से अधिक) लगाता है। बाद में जुर्माने को बिल में जोड़ दिया जाता है। इससे उपभोक्ता जल्द वह पैसा जमा नहीं करते हैं। विभाग अब ऐसे सभी उपभोक्ताओं को आरसी जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिससे राजस्व की वसूली वक्त पर हो सके।
सितंबर से लागू नई दरें
उत्तर प्रदेश नियामक आयोग ने बिजली की नई दरें सितंबर से लागू कर दी हैं। घरेलू संयोजनों में 50 से 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है। फिक्स चार्ज में भी दस रुपए बढ़ा दिए गए है। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी बढ़ोतरी की गई है।
घरेलू उपभोक्ता वर्तमान दर नई दरें
150 यूनिट तक 4.90 5.50
151 से 300 यूनिट तक 5.40 6.00
301 से 500 यूनिट तक 6.20 6.50
500 यूनिट से अधिक पर 6.50 7.0
वाणिज्यिक उपभोक्ता वर्तमान दर नई दरें
300 यूनिट तक 7.0 7.5 0
300 से 1000 यूनिट तक 8.0 8.40
1000 यूनिट से अधिक पर 8.30 8.75
ग्रामीण क्षेत्र की नई दरें
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100 यूनिट तक 3.35
101 से 150 3.85
151 से 300 5.0
301 से 500 5.50
500 6.0
दरें: रुपये प्रति यूनिट में।
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