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संस्कृत विद्यालयों में पढ़ाया जाएगा नया पाठ्यक्रम

Tue, 08 Oct 2019 02:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2019 02:24 AM IST
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new course will be taute in school.
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संस्कृत विद्यालयों में पढ़ाया जाएगा नया पाठ्यक्रम
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झांसी। संस्कृत विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ने की शुरूआत हुई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा संचालित इन विद्यालयों में अब एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई होगी। इसके अलावा उन्हें कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिले के सात संस्कृत विद्यालयों में 1377 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
लंबे अरसे से संस्कृत विद्यालयों को विकसित किये जाने की मांग उठाई जाती रही है। ऐसे में शासन ने इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा पद्धति से पढ़ाई कराने का फैसला लिया है। अब नये पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्कृत के शास्त्र तो पढ़ाये ही जाएंगे, साथ में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के आधुनिक विषय भी पढ़ाये जाएंगे। इससे संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। प्रथमा से उत्तर मध्यमा तक वही पाठ्यक्रम लागू होगा, जो बेसिक और माध्यमिक में है। इसके अलावा इन विद्यालयों में कंप्यूटर से संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। एक प्रशिक्षक की तैनाती होगी, जो नियमित रूप से निर्धारित पाठ्यक्रमों को पीपीटी एवं ऑनलाइन पढ़ायेगा। जल्द ही सभी विद्यालयों को कंप्यूटर आवंटित होंगे।
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समस्याओं से जूझ रहे विद्यालय
जनपद में संस्कृत के सात विद्यालय हैं। इनमें संस्कृत विक्रम विद्यालय सदर बाजार, सार्वभौम संस्कृत विद्यालय, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरुआसागर, संस्कृत विद्यापीठ बमनुआ, स्वराज्यानंद संस्कृत विद्यालय गुरसराय, रामकृष्ण संस्कृत विद्यालय मऊरानीपुर व जोगेश्वर संस्कृत विद्यालय मऊरानीपुर है। इनमें एक विद्यालय बंद हो चुका है। हाल यह है कि इन सभी स्कूलों में सिर्फ सात शिक्षक ही तैनात हैं। तीन स्कूल ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक और कर्मचारी ही नहीं हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों का भी भारी टोटा है। कहा जाये तो आजाद भारत से लेकर अब तक इन संस्कृत विद्यालयों की किसी ने भी सुध नहीं ली है।
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नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर से पढ़ाई होने पर संस्कृत विद्यालय अन्य बोर्डों के स्कूलों की तरह आधुनिक शिक्षा से स्वत: जुड़ जाएंगे। संस्कृत विद्यालयों में जो समस्यायें है, उन्हें तेजी से हल किया जा रहा है। नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर की पढ़ाई इसी सत्र से लागू हो जाएगी। मंशाराम, उप शिक्षा निदेशक एवं प्रभारी उप निरीक्षक संस्कृत पाठशाला

प्रादेशिक संस्कृत प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थी चयनित
महर्षि वाल्मीकि की जयंती के उपलक्ष्य में 13 और 14 अक्तूबर को राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताएं लखनऊ में होंगी। इसमें प्रतिभागी संस्कृत में नाटक, श्लोक आदि को प्रस्तुत करेंगे। इसमें झांसी मंडल से बलराम, अंशुल नायक, गौरव तिवारी, तन्मय शर्मा, अंशुल पचौरी, देवांशु पिपरैया, आकाश अड़जरिया, हर्ष शर्मा, अंकित चौबे, प्रतिभाग करेंगे। जबकि, उरई से देवस्य चतुर्वेदी, रामजी शुक्ला है। मंडल संयोजक डा. हरिपत सहाय ने बताया कि सभी प्रतिभागियों को लखनऊ में नि:शुल्क आवास, भोजन व किराये की सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही विजेता को आकर्षक उपहार भी दिये जायेंगे।
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