{"_id":"5fe4efaf8ebc3e3eac38faeb","slug":"ncc-student-dead-durring-pared-jhansi-news-jhs1843459131","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीसी परेड के दौरान छात्र की हालत बिगड़ी, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनसीसी परेड के दौरान छात्र की हालत बिगड़ी, मौत
विज्ञापन
कुगन राज, फाइल फोटो 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एनसीसी परेड के दौरान एक छात्र की तबीयत बगड़ गई। साथी कैडेट उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां इलाज से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के पिता को घटना को जानकारी दी। छात्रों के मुताबिक परेड के दौरान उनकी मौत हुई है। एनसीसी अधिकारी के अनुसार वह प्रमाण पत्रों की जांच कराने आए थे। हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई।
कुगन राज (21) बुुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। साथ ही, वह एनसीसी कैडेट था। बृहस्पतिवार सुबह शारीरिक फिटनेस की क्लास के बाद एलएलबी विभाग की इमारत के पीछे एनसीसी की परेड चल रही थी। कुगन राज भी इसमें शामिल थे, तभी अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़े। यह देखकर साथी छात्र घबरा गए। उनको उठाकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर पाकर शिक्षकों के साथ अन्य साथी छात्र भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षकों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद जम्मू कश्मीर में सेना में सूबेदार के रूप में तैनात कुगन के पिता एके कार्तिकेयन को घटना की जानकारी दी। खबर सुनकर पिता के पैरोें तले जमीन खिसक गई। पिता ने उनके झांसी आने पर शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी। चौकी प्रभारी परमेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक छात्र के पिता के झांसी आने पर ही पोस्टमार्टम होगा। उनके आने तक शव को पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखवा दिया है।
विज्ञापन
इधर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एनसीसी अधिकारी प्रोफेसर सुनील काबिया ने बताया कि एनसीसी के नवप्रवेशित कैडेट्स को अपने-अपने प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए मूलप्रमाणत्रों के साथ विश्वविद्यालय परिसर स्थित एनसीसी कार्यालय बुलाया गया था। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी परमेंद्र सिंह के मुताबिक परेड के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हुई है।
मूलरूप से तमिलनाडु का रहने वाला था
पुलिस के अनुसार कुगन राज मूलरूप से तामिलनाडु का रहने वाला था। पिता जम्मू कश्मीर में सेना में सूबेदार हैं। झांसी में तैनाती के दौरान उनका पुत्र झांसी में ही पढ़ाई कर रहा था। उनका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हो जाने के बाद वह विश्वविद्यालय के पास बने एक हॉस्टल में छात्रों के साथ रहता था।
विज्ञापन
कुगन राज (21) बुुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। साथ ही, वह एनसीसी कैडेट था। बृहस्पतिवार सुबह शारीरिक फिटनेस की क्लास के बाद एलएलबी विभाग की इमारत के पीछे एनसीसी की परेड चल रही थी। कुगन राज भी इसमें शामिल थे, तभी अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़े। यह देखकर साथी छात्र घबरा गए। उनको उठाकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर पाकर शिक्षकों के साथ अन्य साथी छात्र भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षकों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद जम्मू कश्मीर में सेना में सूबेदार के रूप में तैनात कुगन के पिता एके कार्तिकेयन को घटना की जानकारी दी। खबर सुनकर पिता के पैरोें तले जमीन खिसक गई। पिता ने उनके झांसी आने पर शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी। चौकी प्रभारी परमेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक छात्र के पिता के झांसी आने पर ही पोस्टमार्टम होगा। उनके आने तक शव को पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखवा दिया है।
विज्ञापन
इधर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एनसीसी अधिकारी प्रोफेसर सुनील काबिया ने बताया कि एनसीसी के नवप्रवेशित कैडेट्स को अपने-अपने प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए मूलप्रमाणत्रों के साथ विश्वविद्यालय परिसर स्थित एनसीसी कार्यालय बुलाया गया था। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी परमेंद्र सिंह के मुताबिक परेड के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हुई है।
मूलरूप से तमिलनाडु का रहने वाला था
पुलिस के अनुसार कुगन राज मूलरूप से तामिलनाडु का रहने वाला था। पिता जम्मू कश्मीर में सेना में सूबेदार हैं। झांसी में तैनाती के दौरान उनका पुत्र झांसी में ही पढ़ाई कर रहा था। उनका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हो जाने के बाद वह विश्वविद्यालय के पास बने एक हॉस्टल में छात्रों के साथ रहता था।