झांसी। महानगर में 17 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो जाएंगे। जगह - जगह मां अंबे के स्वरूपों की पूजा अर्चना होगी। घट स्थापना होगी और ज्वारे भी बोये जाएंगे। इस बार नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। साथ ही तुला राशि में सूर्य पहुंचेगा। ऐसे में मां दुर्गा की उपासना एवं भक्ति सर्व मंगल कारी होगी। इस बार मां दुर्गा का दरबार आठ दिन सजेगा। अष्टमी व नवमी की तारीख एक साथ मनेगी।
सनातन धर्म में मां भगवती की पूजा आराधना का विशेष महत्व है। संपूर्ण नवरात्र पर व्रत, अनुष्ठान सहित अन्य धार्मिक कार्य श्रद्धालु करते हैं। देवी मंदिरों में भी नवरात्र पर विशेष धार्मिक आयोजन होते है। सुबह चार बजे से पंचकुइयां मंदिर, सीपरी के लहर की माता मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़ते हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि 17 अक्तूबर को नवरात्र पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। घट पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:42 बजे से सुबह 9 बजे तक रहेगा। इसके बाद राहु काल शुरू हो जाएगा। इस अवधि में पूजा अनुष्ठान कार्य शुभ नहीं होता है। राहु काल की समाप्ति के बाद फिर दोपहर 11:50 बजे से रात्रि तीन बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो पूजा अनुष्ठान के लिए अति शुभ मुहूर्त होता है। इधर ज्योतिषविद् डॉ. नाथूराम पांडेय ने बताया कि 24 अक्तूबर को अष्टमी एवं नवमी की तिथि एक साथ रहेगी। ऐसे में इस बार नवरात्र आठ दिन मनाया जाएगा। अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर महाराजा अग्रसेन की जयंती मनाई जाएगी।