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प्रसव के बाद नसबंदी को दिया जाए बढ़ावा

Sat, 27 Mar 2021 12:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 12:20 AM IST
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Nasbandi increase after dilevery
झांसी। सिफ्सा के तत्वावधान में मंडल स्तरीय नसबंदी सेवा प्रदाताओं के साथ परिवार नियोजन की स्थायी विधि को बढ़ावा देने के लिए संवाद बैठक हुई। इसमें जानकारी दी गई कि प्रसव के बाद नसबंदी ही अच्छा विकल्प है। परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए सेवा प्रदाता आगे आएं।
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अध्यक्षता करते हुए एडी हेल्थ डॉ. अल्पना बरतारिया ने कहा कि जो सेवा प्रदाता अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन सभी को बधाई। जेडी डॉ. रेखा रानी ने निर्देश दिए कि नसबंदी शिविरों को उचित योजना बनाकर आयोजित किया जाए। एसीएमओ को निर्देश दिए कि जनपद में गठित परिवार नियोजन गुणवत्ता एश्योरेंस की टीम त्रिमासिक बैठक कर गैप को चिह्नित करें। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन सभी नसबंदी में प्रशिक्षित डॉक्टरों को मुख्यधारा से जोड़ना रहा, जो अभी यह कार्य नहीं कर रहे हैं। वर्तमान समय में जितने भी नसबंदी में प्रशिक्षित सीनियर डॉक्टर हैं और नए प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर के बीच तालमेल बैठाकर बेहतर परिवार नियोजन की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सके। इससे परिवार नियोजन को बढ़ावा मिल सके और प्रजनन दर में कमी की जा सके। अगर आंकड़ों को देखें तो पूरे भारत की प्रजनन दर 2.2, जबकि उत्तर प्रदेश की 2.7 है। मंडल में झांसी की 2.3, जालौन 3.2 और ललितपुर में इन सब से कहीं अधिक 3.4 प्रजनन दर है।
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एनएचएम सिफ्सा के मंडलीय प्रबंधक आनंद चौबे ने प्रसव के बाद नसबंदी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही हमें पुरुष नसबंदी को भी बढ़ावा देना है। प्रसव के बाद नसबंदी के लिए उन्होंने कहा कि शुरुआत के लिए मंडल के हर जिले पर दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया जाए, जहां प्रसव के बाद नसबंदी के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
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