फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   nagra haat no more

अब नहीं दिखेंगे नगरा हाट के ‘ठाठ’

Mon, 22 Jul 2019 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 12:51 AM IST
विज्ञापन
nagra haat no more
रविवार को गुलजार नगरा हाट, अब यह नजारा फिर यहां नहीं दिखेगा।
अब नहीं दिखेंगे नगरा हाट के ‘ठाठ’
विज्ञापन

झांसी। नगरा में रेलवे की जमीन पर 90 वर्ष से हर रविवार को लगने वाली हाट अब इतिहास बन गई है। इसका तहबाजारी का ठेका 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। रेलवे ने यह जमीन कोच फैक्ट्री बनाने के लिए दे दी है। इसलिए अब ठेका भी आगे नहीं बढ़ाया गया। रेलवे प्रशासन ने भी रविवार को यहां पर दुकान लगाने वालों को अल्टीमेटम दे दिया है। इसकी जानकारी होते ही दुकानदारों के अलावा खरीदार भी मायूस हो गए। अब दुकानदारों को नई जगह तलाशनी होगी।
शहर में छावनी के बाद सबसे ज्यादा जमीन रेलवे के पास है। यहां पर रेलवे के कई कारखाने भी हैं। उनमें हजारों रेलवे कर्मचारी काम करते हैं। नगरा क्षेत्र में रेलवे कर्मचारियों के क्वार्टर भी बने हैं। पहले रेलवे के वर्कशॉप के मुख्य गेट के सामने ही लोग दुकान लगाकर सब्जी व अन्य सामान बेचते थे। बाद में रेलवे ने मैदान में हाट लगाने के लिए मंजूरी दे दी। 90 साल पहले इसके लिए तहबाजारी का ठेका उठा था। हर साल उसके लिए बोली लगाई जाती थी। इससे रेलवे को अच्छा खासा राजस्व भी मिलता था।
विज्ञापन

नगरा हाट में एक हजार से अधिक अस्थायी दुकानें लगाई जातीं। शाम को हाट खत्म होते ही उनको हटा दिया जाता। इस बाजार में दैनिक उपयोग ही हर चीज मिलती थी। यहां पर साग-सब्जी, राशन से लेकर मीट, मछली और मुर्गा भी मिलता था, इसलिए रविवार को हाट में खरीदारों की काफी भीड़ लगती रही। यहां पर शहर के अलावा सफा चमरऊआ, कोटी चमरऊआ, मुरारी, बिजौली, मथुरापुरा, पठाई, दुर्गापुर, बल्लमपुर, राजगढ़, हंसारी, आजादपुरा, ओरछा, डेली, बैदोरा, प्रेमनगर, सैयद नगर, ताज कंपाउंड आदि क्षेत्रों के लोग खरीदारी करने आते।
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने झांसी में रेलवे की कोच फैक्ट्री बनाने का फैसला किया था। उसके लिए रेलवे ने इस जमीन को उपयुक्त समझा। मंजूरी मिलने के बाद उसे खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई। 24 जुलाई को तहबाजारी का अंतिम दिन है। अब आगे रेलवे ने तहबाजारी का ठेका नहीं दिया है। रविवार को यहां पर खरीदारी के लिए आखिरी दिन था। रेलवे द्वारा मैदान खाली कराने से दुकानदार काफी मायूस हैं। उनका कहना है कि कई पीढ़ी से वह लोग यहां पर दुकान लगाकर अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। अब उनसे सामने समस्या खड़ी हो गई है।

रेलवे ने मैदान में हाट लगाने के लिए तहबाजारी का ठेका दिया था। ठेका 24 जुलाई को खत्म होगा। इस जमीन पर रेल कोच फैक्ट्री का निर्माण कराया जाएगा। इसलिए ठेका अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यहां पर अब हाट भी नहीं लगेगी।
मनोज कुमार सिंह, जन संपर्क अधिकारी, रेलवे
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed