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Jhansi News: सालों से रोईं नहीं आंखें...उम्मीद है दिल को वो लौट आएंगे

Sun, 29 Oct 2023 11:57 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Oct 2023 11:57 PM IST
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My eyes haven't cried for years...I hope my heart will come back.
करवा चौथ पर विशेष
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शहर में ऐसे कई केस पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं, जहां घर से निकले महिलाओं के पति आज तक लौटकर नहीं आए

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शादी के बाद एक महिला के लिए पति और उसके बच्चे ही उसकी पूरी दुनिया होते हैं, लेकिन इस बीच हंसती-खेलती जिंदगी में एकाएक पति लापता हो जाए और सालों तक उसकी कोई खोज खबर न मिले, तो हर तीज-त्योहार बेमानी सा लगता है। करवा चौथ पर जब सारी महिलाएं अपने पति के हाथ से जल ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ती हैं, तब ऐसी महिलाओं का दिल टुकड़े-टुकड़े हो जाता है। वे अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत तो रखती हैं लेकिन, उन्हें ये तक पता नहीं होता कि उनके पति कहां हैं, उनके साथ क्या हुआ, वह उनकी जिंदगी में कभी लौटेंगे या नहीं। उनके मन के भीतर छिपा अनजाना डर जहां उन्हें कभी चैन से न तो सोने देता है और न ही कभी जी भरकर रोने देता है...। वहीं, सालों बाद भी हर साल करवा चौथ का व्रत उनकी इस आस को और मजबूत करता है कि उनके पति एक दिन जरूर लौट आएंगे। शहर में ऐसे कई केस पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं, जहां एक दिन घर से निकले महिलाओं के पति आज तक लौटकर नहीं आए। करवा चौथ पर हमने भी ऐसी दो महिलाओं का दर्द साझा किया है...।
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छह साल से पति का कोई सुराग नहीं मिला...उम्मीद है एक दिन वह लौट आएंगे : सीमा
झांसी। शहर में बाबूलाल कारखाना क्षेत्र में रहने वाली सीमा गुप्ता अपने खोए हुए पति पंकज गुप्ता का पिछले छह साल से इंतजार कर रही हैं। होठों पर हजारों सवाल, दिल में दर्द और आंखों में अजीब सा डर छिपाए सीमा बताती हैं कि पति एक दिन लौट कर आएंगे, इसी उम्मीद के साथ वह हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हैं। लेकिन, इन छह सालों में पति का कोई सुराग नहीं मिला, यह सोचकर दिल बहुत घबराता है। पुलिस भी उनका पता नहीं लगा पाई। सीमा बताती हैं कि उनके पति पंकज गुप्ता टाटा मोटर्स फाइनेंस में मैनेजर थे। उस वक्त उनकी उम्र 44 साल ही थी। काम से लौटने के बाद में उन्होंने मोबाइल और सामान घर पर रखा और अपनी मां से कहा कि कुछ देर के लिए बाहर जा रहे हैं, थोड़ी देर में लौट आएंगे। सीमा ने बताया कि वह उस समय घर के काम में व्यस्त थीं, इसलिए कुछ पूछ नहीं पाईं। जब रात भर पति नहीं लौटे तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने भी पति को रेलवे स्टेशन के साथ-साथ सैकड़ों बार जिसने जहां बताया वहां तलाश किया, लेकिन अब तक पति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। सीमा ने बताया कि वैसे तो सुसराल में सासू मां व सभी का सहयोग मिलता है, वह भी प्राइवेट नौकरी करने लगी हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटी अब 19 साल और बेटा 14 साल का हो गया है। बेटी तो समझदार हो चली है लेकिन, बेटा अक्सर पापा के बारे में पूछता है, क्योंकि जब पति घर से गए थे तो बेटा काफी छोटा था। कभी-कभी मन अनजाने डर से कांप जाता है। घर में सब कुछ हंसी-खुशी चल रहा था, इसलिए हर रोज भगवान से दुआ करती हूं कि एक दिन घर की घंटी बजे और पति सामने खड़े हों। ब्यूरो
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पल-पल लगता है कि पति ज्यादा दूर नहीं हैं, ये जिंदगी का सबसे असहनीय दुख है : विनीता
झांसी। बीकेडी क्षेत्र में कुंज बिहारी मंदिर के पास रहने वाली जीआईसी में क्लर्क के पद पर काम कर रहीं विनीता ओमहरे के पति अशोक सेन वर्ष 2017 से लापता हैं। अशोक सेन बेसिक शिक्षा विभाग (जूनियर) में शिक्षक थे। विनीता बताती हैं कि एक दिन पति ने उनसे कहा कि वह मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, लेकिन उस क्षण के बाद पति कभी लौट कर नहीं आए। जब रात भर पति घर नहीं लौटे तो उन्होंने रिश्तेदारों और जान-पहचान में पूछताछ की, कोई जानकारी नहीं मिली तो फिर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन पुलिस भी उन्हें ढूंढकर नहीं ला सकी। पति को ढूंढने और उनकी सलामती के लिए उन्होंने हर चौखट पर माथा टेका, पूजा-पाठ भी किया। हर साल करवा चौथ का व्रत कर पति के सकुशल लौटने की कामना करती हैं। काम में भले ही कितना भी मन लगा लें, लेकिन पल-पल ऐसा लगता है कि पति उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं, वह एक दिन वापस जरूर लौटेंगे। विनीता बताती हैं कि पति के यूं लापता हो जाने से उनका मन हमेशा भयभीत रहता है। लेकिन वह कहां चले गए, उन्हें कौन ले गया, वह किस हाल में हैं, ये सब सोच-सोचकर कभी हालत खराब होने लगती है। उनकी दो बेटियां और इकलौता बेटा भी अपने पापा को याद कर मायूस हो जाते हैं। वहीं, अब तो पुलिस भी शांत बैठ गई है। विनीता बताती हैं कि एक जीते-जागते आदमी को कोई यूं गुमराह नहीं कर सकता है। उनके घर-परिवार में कभी कोई ऐसी बात भी नहीं हुई कि पति नाराज हो जाएं, ऐसे में एकाएक पति का लापता हो जाना उनके लिए जिंदगी का सबसे असहनीय दुख है। पर, मन कहता है कि पति कभी न कभी लौटकर आएंगे। ब्यूरो
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