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ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर की थी हनीफ की हत्या
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murder threatened by balackmaling
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ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर की थी हनीफ की हत्या
झांसी। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित हजरयाना से 11 फरवरी को लापता हुए हनीफ की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए उसका शव कानपुर में रेल पटरी पर रख दिया था। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके साले की तलाश की जा रही है।
थाना कोतवाली के अंदर बड़ागांव गेट स्थित हजरयाना निवासी हनीफ 11 फरवरी 2019 को घर से काम पर जाने की कहकर निकले थे, इसके बाद वह घर नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी सुराग न मिलने पर राजगढ़ निवासी हनीफ के भाई नियामत ने 14 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसके फोेटो कई जिलों में भेजे थे जिस पर पता चला कि कानपुर स्थित थाना सजेरी के रेलवे ट्रैैक पर हनीफ का शव मिला था, जिसका अंतिम संस्कार पुलिस ने कर दिया था।
खबर पाकर पुलिस व परिजन ने मौके पर पहुंचकर हनीफ के कपड़े आदि बरामद किए थे। इसके बाद भाई ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। यह मामला अदालत पहुंचा। 11 जुलाई को अदालत के आदेश पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने स्वॉट के साथ जांच शुरू की। हनीफ के कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही कई बिंदुओं पर जांच की गई। जांच के दौरान सीपरी बाजार के फौजी चौराहा निवासी अजेश सचान का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
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पत्नी को कराया था गायब
पुलिस का कहना है कि अजेश ने बताया कि दस साल पहले उसने अपनी पहली पत्नी को दस हजार रुपये देकर हनीफ से गायब कराया था। इसके बाद से लगातार हनीफ उसे ब्लैैकमेल कर रहा था। वह डेढ़ से दो लाख रुपये भी हनीफ को दे चुका था, लेकिन वह बाज नहीं आ रहा था। इससे तंग आकर अजेश ने कानपुर निवासी अपने साले आशीष के साथ मिलकर हनीफ की हत्या की योजना बनाई।
इस तरह की हत्या
पुलिस का कहना है कि अजेश व उसका साले 11 फरवरी को काम के सिलसिलेे में हनीफ को कानपुर ले गए। वहां गला दबाकर हत्या के बाद हनीफ का शव रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। ट्रेन से उसका शव कट गया था। पुलिस भी उसे हादसा मान रही थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले गला दबाकर हत्या की बात भी आई थी। कॉल डिटेल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी के साले आशीष की तलाश की जा रही है।
जांच हुई थी नवाबाद स्थानांतरित
मामले की जांच तत्कालीन थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह कर रहे थे। जांच के दौरान उनका स्थानांतरण नवाबाद हो गया था। इस बीच मृतक के र्भाई ने एसएसपी से जांच नवाबाद थाने स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसको बाद जांच नवाबाद स्थानांतरित हो गई थी। इसके बाद टीम ने आरोपी को धर दबोचा। टीम में स्वॉट टीम प्रभारी जितेंदर सिंह तक्खर, एसएसआई अरविंद सिंह व राजीव सिंह शामिल रहे।
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झांसी। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित हजरयाना से 11 फरवरी को लापता हुए हनीफ की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए उसका शव कानपुर में रेल पटरी पर रख दिया था। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके साले की तलाश की जा रही है।
थाना कोतवाली के अंदर बड़ागांव गेट स्थित हजरयाना निवासी हनीफ 11 फरवरी 2019 को घर से काम पर जाने की कहकर निकले थे, इसके बाद वह घर नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी सुराग न मिलने पर राजगढ़ निवासी हनीफ के भाई नियामत ने 14 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसके फोेटो कई जिलों में भेजे थे जिस पर पता चला कि कानपुर स्थित थाना सजेरी के रेलवे ट्रैैक पर हनीफ का शव मिला था, जिसका अंतिम संस्कार पुलिस ने कर दिया था।
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खबर पाकर पुलिस व परिजन ने मौके पर पहुंचकर हनीफ के कपड़े आदि बरामद किए थे। इसके बाद भाई ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। यह मामला अदालत पहुंचा। 11 जुलाई को अदालत के आदेश पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने स्वॉट के साथ जांच शुरू की। हनीफ के कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही कई बिंदुओं पर जांच की गई। जांच के दौरान सीपरी बाजार के फौजी चौराहा निवासी अजेश सचान का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
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पत्नी को कराया था गायब
पुलिस का कहना है कि अजेश ने बताया कि दस साल पहले उसने अपनी पहली पत्नी को दस हजार रुपये देकर हनीफ से गायब कराया था। इसके बाद से लगातार हनीफ उसे ब्लैैकमेल कर रहा था। वह डेढ़ से दो लाख रुपये भी हनीफ को दे चुका था, लेकिन वह बाज नहीं आ रहा था। इससे तंग आकर अजेश ने कानपुर निवासी अपने साले आशीष के साथ मिलकर हनीफ की हत्या की योजना बनाई।
इस तरह की हत्या
पुलिस का कहना है कि अजेश व उसका साले 11 फरवरी को काम के सिलसिलेे में हनीफ को कानपुर ले गए। वहां गला दबाकर हत्या के बाद हनीफ का शव रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। ट्रेन से उसका शव कट गया था। पुलिस भी उसे हादसा मान रही थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले गला दबाकर हत्या की बात भी आई थी। कॉल डिटेल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी के साले आशीष की तलाश की जा रही है।
जांच हुई थी नवाबाद स्थानांतरित
मामले की जांच तत्कालीन थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह कर रहे थे। जांच के दौरान उनका स्थानांतरण नवाबाद हो गया था। इस बीच मृतक के र्भाई ने एसएसपी से जांच नवाबाद थाने स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसको बाद जांच नवाबाद स्थानांतरित हो गई थी। इसके बाद टीम ने आरोपी को धर दबोचा। टीम में स्वॉट टीम प्रभारी जितेंदर सिंह तक्खर, एसएसआई अरविंद सिंह व राजीव सिंह शामिल रहे।