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नगर निगम: बजट पर चली कैंची, शहर के विकास कार्य होंगे ठप
Tue, 14 Sep 2021 11:56 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 11:56 AM IST
सार
राज्य वित्त आयोग के जरिए नगर निगम को मिलने वाली ग्रांट में भारी-भरकम कटौती हुई है। इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ना तय है। इसके चलते अब नाली-एपेक्स का काम कराना भी निगम के लिए चुनौती साबित होगी।
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नगर निगम झांसी
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विस्तार
राज्य वित्त आयोग के जरिए शासन नगर निगम को वित्तीय मदद मुहैया कराता है। इसका पैसा नगर निगम कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बांटने पर खर्च करता है जबकि सामान्य निधि को विकास कार्य के लिए सुरक्षित रखा जाता है। सरकार ने राज्य वित्त आयोग की रकम पर कटौती शुरू कर दी। यह कटौती कई सारे बकाये के चलते की गई है। इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ना तय है। इसके चलते अब नाली-एपेक्स का काम कराना भी निगम के लिए चुनौती साबित होगी।
शासन इस मद में कटौती कर रहा
निगम अफसरों का कहना है वित्त आयोग के जरिए हर माह करीब 11 करोड़ रुपये दिए जाते थे। इससे वेतन-भत्ते आदि वितरित किए जाते थे। पिछले कई माह से शासन इस मद में कटौती कर रहा है। अब सिर्फ करीब तीन करोड़ रुपये ही दिए जा रहे हैं। अभी तक दूसरे स्रोतों से इसकी भरपाई की जा रही थी लेकिन, अब भरपाई की रकम मिलनी भी मुश्किल हो रही है। ऐसे में सामान्य निधि का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका इस्तेमाल होने पर इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ना तय है।
निगम आय बढ़ाने की कोशिश में जुटा
वहीं, निगम पर कर्मचारियों के भुगतान का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी जुलाई माह में कर्मचारियों का इंक्रीमेट स्वीकृत हुआ। डीए में भी करीब 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी। पिछले वर्ष के मुकाबले कर्मचारियों के देयों मेें करीब 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि निगम आय बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। आय में इजाफा करके इससे निपटा जाएगा।
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शासन इस मद में कटौती कर रहा
निगम अफसरों का कहना है वित्त आयोग के जरिए हर माह करीब 11 करोड़ रुपये दिए जाते थे। इससे वेतन-भत्ते आदि वितरित किए जाते थे। पिछले कई माह से शासन इस मद में कटौती कर रहा है। अब सिर्फ करीब तीन करोड़ रुपये ही दिए जा रहे हैं। अभी तक दूसरे स्रोतों से इसकी भरपाई की जा रही थी लेकिन, अब भरपाई की रकम मिलनी भी मुश्किल हो रही है। ऐसे में सामान्य निधि का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका इस्तेमाल होने पर इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ना तय है।
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निगम आय बढ़ाने की कोशिश में जुटा
वहीं, निगम पर कर्मचारियों के भुगतान का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी जुलाई माह में कर्मचारियों का इंक्रीमेट स्वीकृत हुआ। डीए में भी करीब 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी। पिछले वर्ष के मुकाबले कर्मचारियों के देयों मेें करीब 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि निगम आय बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। आय में इजाफा करके इससे निपटा जाएगा।
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