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मसीहागंज के सवा सौ घरों में नहीं आता पानी
amarujala
Updated Mon, 07 May 2018 12:23 AM IST
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water, jhansi news
- फोटो : demo
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सीपरी बाजार के मसीहा गंज में सेंट मैरीज स्कूल के पीछे के इलाके में पिछले दस साल से नलों ने पानी नहीं उगला है। यहां लगे हैंडपंप भी गर्मियों में धोखा दे जाते हैं, ऐसे में सवा सौ परिवार जलसंस्थान से आने वाले टैंकरों पर ही निर्भर हैं।
यहां के अधिकांश घरों में सप्लाई के पानी के लिए पाइप लाइन बिछी है पर उस पाइप लाइन में दस साल से लोगों को पानी नहीं मिला है। सुविधा के लिए पुराने हैंडपंप लगे हुए हैं जो कि ड्राई हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि एक हैंडपंप खराब हो चुका है जबकि दूसरा बरसात और सर्दियों में ही पानी देता है। जल निगम ने नया हैंडपंप लगाया था, लेकिन वह दो-चार बाल्टी पानी देने के बाद बंद हो जाता है।
आलम यह है कि घनी आबादी वाला यह इलाका भीषण गर्मियों में टैंकरों के ही सहारे हैं। टैंकरों के जरिये क्षेत्र में पानी पहुंचाया जा रहा है। उसमें भी दिक्कत आ रही है, मोहल्ले की जनसंख्या अधिक होने के कारण एक टैंकर लोगों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार सुबह शाम एक-एक टैंकर पानी देन पहुंच रहा है।
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अमृत योजना के बाद मिलेगा पानी
पानी की सप्लाई कम होने के कारण क्षेत्र के लोगोें को पानी नहीं मिल पा रहा है। अमृत योजना के तहत विकास कार्य होंगे। उसके बाद समस्या ग्रस्त क्षेत्र को पानी मिलने लगेगा।
रघुवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता
हर साल झेलते हैं परेशानी
पानी की समस्या हर साल गर्मियों में खड़ी हो जाती है, टैंकरों के सहारे ही जीवन यापन करना पड़ता है। क्षेत्र में हैंडपंप लगे हैं, जो कि खराब पड़े हैं। पानी भरने के लिए दूर जाना पड़ता है।
- पूजा रायकवार, गृहणी
नया हैंडपंप भी खराब
एक माह पहले हैंडपंप जल निगम की ओर से लगाया था, बोरिं लगभग फेल हो चुकी थी। बावजूद वहां पर हैंडपंप लगा गए। उसमें से केवल दो-चार बाल्टी पानी मिल रहा है।
कृष्ण कुमार, प्राईवेट कर्मी
लगातार आ रहा बिल
नलों में दस साल से बिल नहीं आया पर बिल लगातार देते जा रहे हैं। हर साल गर्मियों में पानी का संकट बढ़ जाता है इसलिए लोगों ने जल संस्थान में बिल भरना ही बंद कर दिया।
कायनात, गृहणी
काम छोड़ देते हैं
टैंकरों के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। समय पर टैंकर न आने पर कभी कभार काम छोड़ कर घर पर रहना पड़ता है। हैंडपंप लगे हुए हैं पर उसमें पानी नहीं आ रहा है।
शकील, चालक
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यहां के अधिकांश घरों में सप्लाई के पानी के लिए पाइप लाइन बिछी है पर उस पाइप लाइन में दस साल से लोगों को पानी नहीं मिला है। सुविधा के लिए पुराने हैंडपंप लगे हुए हैं जो कि ड्राई हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि एक हैंडपंप खराब हो चुका है जबकि दूसरा बरसात और सर्दियों में ही पानी देता है। जल निगम ने नया हैंडपंप लगाया था, लेकिन वह दो-चार बाल्टी पानी देने के बाद बंद हो जाता है।
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आलम यह है कि घनी आबादी वाला यह इलाका भीषण गर्मियों में टैंकरों के ही सहारे हैं। टैंकरों के जरिये क्षेत्र में पानी पहुंचाया जा रहा है। उसमें भी दिक्कत आ रही है, मोहल्ले की जनसंख्या अधिक होने के कारण एक टैंकर लोगों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार सुबह शाम एक-एक टैंकर पानी देन पहुंच रहा है।
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अमृत योजना के बाद मिलेगा पानी
पानी की सप्लाई कम होने के कारण क्षेत्र के लोगोें को पानी नहीं मिल पा रहा है। अमृत योजना के तहत विकास कार्य होंगे। उसके बाद समस्या ग्रस्त क्षेत्र को पानी मिलने लगेगा।
रघुवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता
हर साल झेलते हैं परेशानी
पानी की समस्या हर साल गर्मियों में खड़ी हो जाती है, टैंकरों के सहारे ही जीवन यापन करना पड़ता है। क्षेत्र में हैंडपंप लगे हैं, जो कि खराब पड़े हैं। पानी भरने के लिए दूर जाना पड़ता है।
- पूजा रायकवार, गृहणी
नया हैंडपंप भी खराब
एक माह पहले हैंडपंप जल निगम की ओर से लगाया था, बोरिं लगभग फेल हो चुकी थी। बावजूद वहां पर हैंडपंप लगा गए। उसमें से केवल दो-चार बाल्टी पानी मिल रहा है।
कृष्ण कुमार, प्राईवेट कर्मी
लगातार आ रहा बिल
नलों में दस साल से बिल नहीं आया पर बिल लगातार देते जा रहे हैं। हर साल गर्मियों में पानी का संकट बढ़ जाता है इसलिए लोगों ने जल संस्थान में बिल भरना ही बंद कर दिया।
कायनात, गृहणी
काम छोड़ देते हैं
टैंकरों के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। समय पर टैंकर न आने पर कभी कभार काम छोड़ कर घर पर रहना पड़ता है। हैंडपंप लगे हुए हैं पर उसमें पानी नहीं आ रहा है।
शकील, चालक