{"_id":"61d350e454d86d2b1b35f0b9","slug":"mock-drill-held-in-six-hospitals-officers-tested-preparations-jhansi-news-jhs2123651164","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह अस्पतालों में हुई मॉक ड्रिल, अफसरों ने परखीं तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह अस्पतालों में हुई मॉक ड्रिल, अफसरों ने परखीं तैयारियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। जिले में सोमवार को छह अस्पतालों में मॉक ड्रिल हुई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर तैयारियां परखीं। डीएम ने मेडिकल कॉलेज में जाकर आईसीयू से लेकर ऑक्सीजन प्लांट तक का जायजा लिया।
कोरोना के बढ़ते मामलों और संभावित तीसरी लहर के बीच सोमवार को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज समेत बड़ागांव, बरुआसागर, गरौठा, समथर, रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मॉक ड्रिल की गई। स्टाफ को बताया गया कि कोरोना का मरीज आने पर किस तरह से उसकी जांच और भर्ती करना है। जिला अस्पताल में एडी हेल्थ डॉ. अल्पना बरतारिया, सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने ऑक्सीजन प्लांट, वार्ड का निरीक्षण किया। जबकि, डीएम रविंद्र कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कोविड बिल्डिंग के सभी वार्डों में जाकर संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। पूछा कि आईसीयू कितने हैं, कितने बेड हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन गैस प्लांट की क्रियाशीलता का भी परीक्षण कर लिया जाए, ताकि कोई समस्या न हो। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. रजत मिसुरिया, डॉ. रामबाबू, डॉ. विनय कुमार, डॉ. दिनेश राजपूत, डॉ. नीरज बनौरिया मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोरोना के बढ़ते मामलों और संभावित तीसरी लहर के बीच सोमवार को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज समेत बड़ागांव, बरुआसागर, गरौठा, समथर, रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मॉक ड्रिल की गई। स्टाफ को बताया गया कि कोरोना का मरीज आने पर किस तरह से उसकी जांच और भर्ती करना है। जिला अस्पताल में एडी हेल्थ डॉ. अल्पना बरतारिया, सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने ऑक्सीजन प्लांट, वार्ड का निरीक्षण किया। जबकि, डीएम रविंद्र कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कोविड बिल्डिंग के सभी वार्डों में जाकर संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। पूछा कि आईसीयू कितने हैं, कितने बेड हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन गैस प्लांट की क्रियाशीलता का भी परीक्षण कर लिया जाए, ताकि कोई समस्या न हो। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. रजत मिसुरिया, डॉ. रामबाबू, डॉ. विनय कुमार, डॉ. दिनेश राजपूत, डॉ. नीरज बनौरिया मौजूद रहे।
विज्ञापन