झांसी। वाणिज्य कर सचल दलों में प्राइवेट कर्मियों से काम लेने की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। इस बात का पता लगते ही सचल दल अधिकारियों ने अपने पास से प्राइवेट कर्मियों को हटा दिया है। यह मामला विभाग में चर्चा में बना हुआ है। अमर उजाला ने भी इस मामले को प्राथमिकता से उठाया था।
उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया था कि उनके कार्यालय में सचल दल की पांच इकाइयां हैं। सड़क पर चेकिंग के दौरान प्राइवेट कर्मियों का सहारा लेकर अवैध वसूली कराई जा रही है। कार्यालय में ही कंप्यूटर आदि कार्य के लिए भी उनसे ही काम लिया जा रहा है। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। उच्च अधिकारी कई बार पत्र लिखकर प्राइवेट कर्मियों को हटाने का निर्देश दे चुकें हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको हटाया नहीं जा रहा है। ज्ञापन में प्राइवेट कर्मियों के नाम दिए गए थे। इस पर डीएम ने मामले की जांच एडीएम (प्रशासन) को सौंप दी। इधर, जांच का पता लगते ही सचल दल अधिकारियों ने सभी प्राइवेट कर्मियों को हटा दिया है। इस मामले में ज्वाइंट कमिश्नर (प्रवर्तन) एके सिंह ने बताया कि सचल दल में कोई भी प्राइवेट कर्मी काम नहीं कर रहा है। अगर कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।