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‘विधायक निधि’ की चाबी लेकर गुम हो गया लेखाकार
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झांसी। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में तैनात सहायक लेखाकार पिछले करीब तीन महीने से विधायक निधि पटल की चाबियां लेकर ही गुम हो गया। कई बार बुलाने के बावजूद वह दफ्तर नहीं आ रहा था। जब अफसरों ने एफआईआर दर्ज कराने का अल्टीमेटम दिया तब जाकर शुक्रवार को लेखाकार दफ्तर पहुंचकर उसने अधिकारियों को पटल की चाबियां सौंपी।
विधायक निधि एवं सांसद निधि से संबंधित कामकाज जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संभालता है। विभाग के सहायक लेखाकार सूरज कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन, सूरज दो माह पहले सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने किसी को चार्ज नहीं सौंपा और विधायक-सांसद निधि से संबंधित सभी फाइलें एक आलमारी में बंद करके चाबी लेकर चले गए। विधायकों की फाइलों की जब जरूरत महसूस हुई तब अफसरों ने सूरज की खोज-खबर शुरू की लेकिन, उससे कोई संपर्क ही नहीं हो सका। उनके घर भी कर्मचारी दौड़ए गए लेकिन, सूरज आने को राजी नहीं हुए। पिछले दिनों विधायक निधि एवं सांसद निधि जारी हो गई लेकिन, सभी फाइलें आलमारी में ही बंद थी। दिशा की बैठक की कार्यपालन के लिए भी फाइल मांगी जाने लगी। अफसरों ने कई बार सूरज को बुलावा भेजा लेकिन, सूरज आए ही नहीं। आखिरकार परियोजना निदेशक ने आज तक की मोहलत देते हुए न आने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी तब जाकर सूरज आज दोपहर कार्यालय पहुंचे। सूरज को परियोजना निदेशक ने जमकर फटकार लगाई।
डेढ़ साल बाद पहुंची विधायक निधि की पहली किस्त
पहली दफा विधायकों को मिली तीन करोड़ की विधायक निधि
कोरोना के चलते वर्ष 2020 की विधायक निधि शून्य कर दी गई थी। उसके पहले 2019 की विधायक निधि की शेष रकम भी कोविड फंड में दे गई थी। इस तरह करीब डेढ़ साल बाद अब फिर से विधायक निधि बहाल हुई। विधायक निधि की पहली किस्त के तौर पर डेढ़ करोड़ रुपये झांसी के सभी चार विधायकों के खाते में आ गई है।
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अभी इन सभी विधायकों की निधि खाली चल रही थी। चुनावी साल होने से विधायकों पर काम कराने का काफी दबाव है। पिछले दो सत्र में विधायक निधि न होने से उनको अतिरिक्त काम भी कराना होगा जबकि नई विधायक निधि में स्वास्थ्य सेवाओं में भी रकम खर्च करनी है।
बता दें, इस दफा पहली बार विधायक निधि के तौर पर तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वर्ष 2019 तक दो करोड़ रुपये ही दिए जाते थे। वर्ष 2020 में इसे बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया गया लेकिन, उसी दौरान कोविड का प्रकोप फैलने से इसे स्थगित कर दिया गया। अब पहली बार विधायकों को तीन करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही कि दूसरी किस्त भी सितंबर महीने तक खाते में आ जाएगी। वहीं, सांसद निधि में भी ढाई करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
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विधायक निधि एवं सांसद निधि से संबंधित कामकाज जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संभालता है। विभाग के सहायक लेखाकार सूरज कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन, सूरज दो माह पहले सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने किसी को चार्ज नहीं सौंपा और विधायक-सांसद निधि से संबंधित सभी फाइलें एक आलमारी में बंद करके चाबी लेकर चले गए। विधायकों की फाइलों की जब जरूरत महसूस हुई तब अफसरों ने सूरज की खोज-खबर शुरू की लेकिन, उससे कोई संपर्क ही नहीं हो सका। उनके घर भी कर्मचारी दौड़ए गए लेकिन, सूरज आने को राजी नहीं हुए। पिछले दिनों विधायक निधि एवं सांसद निधि जारी हो गई लेकिन, सभी फाइलें आलमारी में ही बंद थी। दिशा की बैठक की कार्यपालन के लिए भी फाइल मांगी जाने लगी। अफसरों ने कई बार सूरज को बुलावा भेजा लेकिन, सूरज आए ही नहीं। आखिरकार परियोजना निदेशक ने आज तक की मोहलत देते हुए न आने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी तब जाकर सूरज आज दोपहर कार्यालय पहुंचे। सूरज को परियोजना निदेशक ने जमकर फटकार लगाई।
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डेढ़ साल बाद पहुंची विधायक निधि की पहली किस्त
पहली दफा विधायकों को मिली तीन करोड़ की विधायक निधि
कोरोना के चलते वर्ष 2020 की विधायक निधि शून्य कर दी गई थी। उसके पहले 2019 की विधायक निधि की शेष रकम भी कोविड फंड में दे गई थी। इस तरह करीब डेढ़ साल बाद अब फिर से विधायक निधि बहाल हुई। विधायक निधि की पहली किस्त के तौर पर डेढ़ करोड़ रुपये झांसी के सभी चार विधायकों के खाते में आ गई है।
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अभी इन सभी विधायकों की निधि खाली चल रही थी। चुनावी साल होने से विधायकों पर काम कराने का काफी दबाव है। पिछले दो सत्र में विधायक निधि न होने से उनको अतिरिक्त काम भी कराना होगा जबकि नई विधायक निधि में स्वास्थ्य सेवाओं में भी रकम खर्च करनी है।
बता दें, इस दफा पहली बार विधायक निधि के तौर पर तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वर्ष 2019 तक दो करोड़ रुपये ही दिए जाते थे। वर्ष 2020 में इसे बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया गया लेकिन, उसी दौरान कोविड का प्रकोप फैलने से इसे स्थगित कर दिया गया। अब पहली बार विधायकों को तीन करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही कि दूसरी किस्त भी सितंबर महीने तक खाते में आ जाएगी। वहीं, सांसद निधि में भी ढाई करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।