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मेडिकल कॉलेज बनेगा ‘सुपर स्पेशिलिस्टी’
Sun, 20 Jan 2019 01:44 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 20 Jan 2019 01:44 AM IST
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज जल्द ही ‘सुपर स्पेशिलिस्ट’ बन जाएगा। यहां पर नई मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शुरू होंगे। साथ ही रिसेप्शन हॉल का जल्द ही शुभारंभ हो जाएगा। सबसे अहम प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बन रहे सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) का खुलना होगा। यहां पर छह विभाग का आधुनिक रूप देखने को मिलेगा। मरीजों के लिए उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि चुनावी साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनका शुभारंभ कर सकते हैं।
मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में चार रुटीन और तीन इमरजेंसी ओटी हैं। यहां आधुनिक सुविधाओं का अभाव होने की वजह से ऑपरेशन के दौरान मरीजों को संक्रमण होने का खतरा रहता है। संसाधन, उपकरण भी ज्यादा नहीं होने के चलते इन ओटी में अधिकतर सामान्य ऑपरेशन होते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की पहल पर सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, आई, प्लास्टिक व न्यूरो विभाग की मॉड्यूलर ओटी शुरू हो गई हैं। इसका असर भी देखने को मिला है। ऑर्थोपेडिक की मॉड्यूलर ओटी में कूल्हे का प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो गई है। साथ ही सर्जरी के भी जटिल ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। अब गायनी और ईएनटी विभाग की मॉड्यूलर ओटी भी शुरू होने जा रही है। दोनों मॉड्यूलर ओटी का काम पूरा हो गया है। ये मॉड्यूलर ओटी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाई जा रही हैं। इसके बाद प्रसव से लेकर नाक, कान, गला तक के जटिल ऑपरेशन की बेहतर सुविधाएं मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही मिलेंगी। वहीं, गेट नंबर एक के ठीक बगल में रिसेप्शन हॉल शुरू होने जा रहा है। यहां पर मरीजों के तीमारदारों के बैठने के लिए उत्तम व्यवस्था होगी, जिसका मौजूदा समय में अभाव है। तीमारदार अभी जमीन पर बैठने को मजबूर होते हैं। हॉल में कैफेटेरिया और अम्रुत फार्मेसी भी खुलेगी। सबसे अहम सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का खुलना होगा। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 150 करोड़ रुपये से ये ब्लॉक बन रहा है। इसमें केंद्र सरकार ने 120 करोड़ और राज्य सरकार ने 30 करोड़ रुपये दिए हैं। इस ब्लॉक में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी का अलग से वार्ड बन रहा है। यह ब्लॉक पांच मंजिला होगा। यहां पर विभिन्न प्रकार की सर्जरी समेत गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी। सभी विभागों में अलग से वार्ड और कक्ष बनेंगे। हर विभाग के वार्ड में 60 मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध होंगे। यहां पर डॉक्टरों के पद सृजित हो गए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार जरूरी संसाधन विभागों में उपलब्ध होंगे। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनका शुभारंभ कर सकते हैं।
मॉड्यूलर ओटी के फायदे
- संक्रमण फैलने की कम रहती है संभावना
- आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी
- तापमान नियंत्रित कर बड़ी सर्जरी हो सकती है
एसएसबी में सुविधाएं
- झुलसे मरीजों की हो सकेगी प्लास्टिक सर्जरी
- नेफ्रोलॉजी विभाग में शुरू होगा किडनी रिप्लेसमेंट
- कार्डिक सर्जरी शुरू होने से शहर में मिलेगा इलाज
रिसेप्शन हॉल में ये होगा
- मरीजों के बैठने के लिए उचित स्थान
- कैफेटेरिया होगा, जिसमें खाने-पीने के सामान मिलेगा।
- अम्रुत फार्मेसी खुलेगी, जिससे लोग दवा खरीद सकेंगे।
दो मॉड्यूलर ओटी और रिसेप्शन हॉल का काम पूरा हो गया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लिए कार्यदायी संस्था को 31 जनवरी तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इनका शुभारंभ कर सकते हैं।
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- डॉ. साधना कौशिक, प्राचार्य, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज।
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मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में चार रुटीन और तीन इमरजेंसी ओटी हैं। यहां आधुनिक सुविधाओं का अभाव होने की वजह से ऑपरेशन के दौरान मरीजों को संक्रमण होने का खतरा रहता है। संसाधन, उपकरण भी ज्यादा नहीं होने के चलते इन ओटी में अधिकतर सामान्य ऑपरेशन होते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की पहल पर सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, आई, प्लास्टिक व न्यूरो विभाग की मॉड्यूलर ओटी शुरू हो गई हैं। इसका असर भी देखने को मिला है। ऑर्थोपेडिक की मॉड्यूलर ओटी में कूल्हे का प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो गई है। साथ ही सर्जरी के भी जटिल ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। अब गायनी और ईएनटी विभाग की मॉड्यूलर ओटी भी शुरू होने जा रही है। दोनों मॉड्यूलर ओटी का काम पूरा हो गया है। ये मॉड्यूलर ओटी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाई जा रही हैं। इसके बाद प्रसव से लेकर नाक, कान, गला तक के जटिल ऑपरेशन की बेहतर सुविधाएं मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही मिलेंगी। वहीं, गेट नंबर एक के ठीक बगल में रिसेप्शन हॉल शुरू होने जा रहा है। यहां पर मरीजों के तीमारदारों के बैठने के लिए उत्तम व्यवस्था होगी, जिसका मौजूदा समय में अभाव है। तीमारदार अभी जमीन पर बैठने को मजबूर होते हैं। हॉल में कैफेटेरिया और अम्रुत फार्मेसी भी खुलेगी। सबसे अहम सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का खुलना होगा। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 150 करोड़ रुपये से ये ब्लॉक बन रहा है। इसमें केंद्र सरकार ने 120 करोड़ और राज्य सरकार ने 30 करोड़ रुपये दिए हैं। इस ब्लॉक में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी का अलग से वार्ड बन रहा है। यह ब्लॉक पांच मंजिला होगा। यहां पर विभिन्न प्रकार की सर्जरी समेत गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी। सभी विभागों में अलग से वार्ड और कक्ष बनेंगे। हर विभाग के वार्ड में 60 मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध होंगे। यहां पर डॉक्टरों के पद सृजित हो गए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार जरूरी संसाधन विभागों में उपलब्ध होंगे। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनका शुभारंभ कर सकते हैं।
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मॉड्यूलर ओटी के फायदे
- संक्रमण फैलने की कम रहती है संभावना
- आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी
- तापमान नियंत्रित कर बड़ी सर्जरी हो सकती है
एसएसबी में सुविधाएं
- झुलसे मरीजों की हो सकेगी प्लास्टिक सर्जरी
- नेफ्रोलॉजी विभाग में शुरू होगा किडनी रिप्लेसमेंट
- कार्डिक सर्जरी शुरू होने से शहर में मिलेगा इलाज
रिसेप्शन हॉल में ये होगा
- मरीजों के बैठने के लिए उचित स्थान
- कैफेटेरिया होगा, जिसमें खाने-पीने के सामान मिलेगा।
- अम्रुत फार्मेसी खुलेगी, जिससे लोग दवा खरीद सकेंगे।
दो मॉड्यूलर ओटी और रिसेप्शन हॉल का काम पूरा हो गया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लिए कार्यदायी संस्था को 31 जनवरी तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इनका शुभारंभ कर सकते हैं।
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- डॉ. साधना कौशिक, प्राचार्य, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज।