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मेडिकल कालेज में सांप काटे का इलाज मुश्किल

Fri, 21 Jul 2017 12:25 AM IST
amarujala
amarujala Updated Fri, 21 Jul 2017 12:25 AM IST
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 Medical college snake bite is difficult
medical jhansi news - फोटो : demo
झांसी। 
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सांप काटने पर लगाए जाने वाले एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन का टोटा हो गया है। सिर्फ 40 इंजेक्शन ही बचे हैं। एक गंभीर मरीज को 20 इंजेक्शन तक लगाने पड़ते हैं। अगर ये इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़ें तो 10 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। गौरतलब है कि बारिश के मौसम में सांप काटने की घटनाएं दोगुनी तक हो जाती हैं।
सांप डसने से दुनियाभर में होने वाली मौतों की संख्या मेें भारत सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर साल 83,000 लोग सांप के दंश का शिकार होते हैं और 11,000 की मौत हो जाती है। मौत का सबसे बड़ा कारण तुरंत प्राथमिक उपचार न होना। भारत में सांपों की लगभग 236 प्रजातियां हैं। इनमें से अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते। देश में जहरीले सांपों की 13 प्रजातियां हैं, इनमें चार कोबरा, रस्सेल वाइपर, स्केल्ड वाइपर और करैत बहुत जहरीले होते हैं। देश के सर्वाधिक मौतें नाग व करैत के काटने से होती हैं। बारिश में सांप काटने की घटनाएं लगभग दो गुनी हो जाती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 40 एंटी स्नेक वेनम के इंजेक्शन बचना बहुत परेशानी खड़ा कर सकता है।
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मेडिकल कॉलेज में साल भर में सांप काटने के लगभग एक हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। इनमें बारिश के सीजन के चार महीने (जून से सितंबर तक) में लगभग 600 मरीज सर्पदंश के आते हैं। कभी-कभी तो एक मरीज को बीस-बीस एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज आने वाले सर्पदंश के मरीजों को निजी खर्च से इंजेक्शन खरीदने पड़ेंगे। चूंकि, एक एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगभग पांच सौ रुपये का पड़ता है। ऐसे में यदि मरीज को बीस इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं तो दस हजार रुपये तक खर्च हो सकते हैं।
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झाड़फूंक के फेर में न फंसे
सांप काटने के बाद ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग झाड़फूंक के फेर में फंसकर मरीज को काल के गाल में भेज देते हैं। ऐसे में अंधविश्वास और अज्ञानता में ग्रामीणों को झाड़फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। मरीज को तुरंत ही इलाज के लिए अस्पताल ले जाना चाहिए। 


इसका रखें ध्यान 
- तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाएं।
- मांसपेशियों की रगड़ से जहर तेजी से फैलता है, इसलिए मरीज को चलने न दें। 
- मरीज को बगैर डॉक्टर की सलाह के दवा न दें। 
- पीड़ित की घबराहट दूर करने में उसकी मदद करें। 
- मरीज जूते पहने हो तो उतार दें, कपड़े सुविधाजनक हों तो न उतारें। 
- जख्म को धो कर उस पर पट्टी बांध दें। 
बॉक्स..
ऐसा न करें
- सांप काटने की जगह को काटने, चूसने, दबाने का प्रयास न करें।
- उस जगह के ऊपर रस्सी, डोरी या कपड़ा कसकर न बांधें। 
- सर्पदंश की जगह पर कट बिल्कुल न लगाएं।

शासन से बजट मांगा है
अभी सिर्फ 40 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन बचे हैं। ये पुराने बजट से खरीदे गए थे। शासन से बजट मांगा गया है। जैसे ही पैसा आएगा, इंजेक्शन की खरीद की जाएगी। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस। 
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