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मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदी मरीज, मौत
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल की चौथी मंजिल से कोरोना संक्रमित महिला ने छलांग लगा दी। महिला की कई जगह से हड्डियां टूट गईं। हालत गंभीर होने पर उसे इमरजेंसी में वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
मऊरानीपुर के नई बस्ती निवासी शिक्षक की पत्नी को 18 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। वहां कोरोना की जांच कराने पर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हो गई। इसके बाद महिला को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित कोविड अस्पताल के वार्ड नंबर चार आईसीयू में भर्ती किया गया। यहां पर उनका इलाज चल रहा था। इसी बीच वह एक-दो दिनों से स्टाफ से अस्पताल से डिस्चार्ज करने की मांग करने लगीं। बृहस्पतिवार को दोपहर में मरीजों को देखने पहुंचे डॉक्टरों से भी महिला ने घर जाने की बात कही। इस पर डॉक्टरों ने उन्हें वार्ड नंबर आठ में शिफ्ट करने के लिए कह दिया। बस डॉक्टर वार्ड से बाहर निकले ही थे कि महिला खिड़की की तरफ दौड़ पड़ी। महिला के पीछे एक स्टाफ नर्स भी भागी। इसी बीच महिला खिड़की पर खड़ी हो गईं। स्टाफ नर्स ने महिला का हाथ भी पकड़ा, तब तक मरीज ने छलांग लगा दी। चार मंजिल ऊपर से गिरने पर महिला की हालत बेहद नाजुक हो गईं। कई जगहों से हड्डियां टूट गईं। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस से इमरजेंसी ले जाया गया। वेंटिलेटर पर भर्ती कर प्राथमिक उपचार किया गया मगर कुछ ही देर बाद महिला की सांसें थम गईं।
वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि कोरोना संक्रमित महिला की सेहत में सुधार हो रहा था। मगर उसे साइकोसिस हो गई थी। वह लगातार कह रही थी कि मुझे घर जाना है। डॉक्टरों के देखकर जाने के पांच मिनट वह वार्ड से बाहर निकलने के लिए दौड़ी। उसने खिड़की को दरवाजा समझ लिया और चौथी मंजिल से गिर पड़ी।
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मऊरानीपुर के नई बस्ती निवासी शिक्षक की पत्नी को 18 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। वहां कोरोना की जांच कराने पर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हो गई। इसके बाद महिला को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित कोविड अस्पताल के वार्ड नंबर चार आईसीयू में भर्ती किया गया। यहां पर उनका इलाज चल रहा था। इसी बीच वह एक-दो दिनों से स्टाफ से अस्पताल से डिस्चार्ज करने की मांग करने लगीं। बृहस्पतिवार को दोपहर में मरीजों को देखने पहुंचे डॉक्टरों से भी महिला ने घर जाने की बात कही। इस पर डॉक्टरों ने उन्हें वार्ड नंबर आठ में शिफ्ट करने के लिए कह दिया। बस डॉक्टर वार्ड से बाहर निकले ही थे कि महिला खिड़की की तरफ दौड़ पड़ी। महिला के पीछे एक स्टाफ नर्स भी भागी। इसी बीच महिला खिड़की पर खड़ी हो गईं। स्टाफ नर्स ने महिला का हाथ भी पकड़ा, तब तक मरीज ने छलांग लगा दी। चार मंजिल ऊपर से गिरने पर महिला की हालत बेहद नाजुक हो गईं। कई जगहों से हड्डियां टूट गईं। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस से इमरजेंसी ले जाया गया। वेंटिलेटर पर भर्ती कर प्राथमिक उपचार किया गया मगर कुछ ही देर बाद महिला की सांसें थम गईं।
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वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि कोरोना संक्रमित महिला की सेहत में सुधार हो रहा था। मगर उसे साइकोसिस हो गई थी। वह लगातार कह रही थी कि मुझे घर जाना है। डॉक्टरों के देखकर जाने के पांच मिनट वह वार्ड से बाहर निकलने के लिए दौड़ी। उसने खिड़की को दरवाजा समझ लिया और चौथी मंजिल से गिर पड़ी।
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