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प्राइवेट प्रैक्टिस पर है रोक,
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:36 AM IST
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झांसी। चिकित्सा-शिक्षा महानिदेशक बीएन त्रिपाठी ने कहा कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस न करे। अब डीएम और सीएमओ के जरिए इसका अनुपालन करवाया जाएगा। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बहुउद्देश्यीय पूछताछ केंद्र का उद्घाटन करने आए डीजी पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
दवाओं के बजट की मारामारी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डीजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के जीर्णोद्धार के लिए पहली बार अनुपूरक बजट में बीस करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है। पहले कोई बजट नहीं मिलता था। अब दवाओं के बजट में भी जल्द बढ़ोतरी होगी। इसके बाद सारी जीवन रक्षक दवाएं यहीं उपलब्ध होंगी। सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए उन्होंने बताया कि सन 2011 से 2015 तक प्रदेश में 600 एमबीबीएस की सीटें बढ़ी हैं। बहुउद्देश्यीय पूछताछ केंद्र के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि इसके बन जाने के बाद अब मरीजों को किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. ओमशंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
ट्रामा सेंटर कर्मियों के वेतन को जल्द मिलेंगे डेढ़ करोड़
नौ महीने से मानदेय न आने से परेशान ट्रामा सेंटर कर्मचारियों ने डीजी को ज्ञापन देकर जल्द मानदेय भुगतान की मांग की। कर्मियों ने कहा कि मानदेय न मिलने से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वह भुखमरी की कगार पर हैं। इस पर डीजी ने उन्हें बताया कि जल्द ही झांसी मेडिकल कॉलेज को डेढ़ करोड़ रुपये ट्रामा सेंटर के कर्मचारियों के मानदेय के लिए जारी कर दिए जाएंगे।
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दवाओं के बजट की मारामारी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डीजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के जीर्णोद्धार के लिए पहली बार अनुपूरक बजट में बीस करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है। पहले कोई बजट नहीं मिलता था। अब दवाओं के बजट में भी जल्द बढ़ोतरी होगी। इसके बाद सारी जीवन रक्षक दवाएं यहीं उपलब्ध होंगी। सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए उन्होंने बताया कि सन 2011 से 2015 तक प्रदेश में 600 एमबीबीएस की सीटें बढ़ी हैं। बहुउद्देश्यीय पूछताछ केंद्र के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि इसके बन जाने के बाद अब मरीजों को किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस दौरान प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. ओमशंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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नौ महीने से मानदेय न आने से परेशान ट्रामा सेंटर कर्मचारियों ने डीजी को ज्ञापन देकर जल्द मानदेय भुगतान की मांग की। कर्मियों ने कहा कि मानदेय न मिलने से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वह भुखमरी की कगार पर हैं। इस पर डीजी ने उन्हें बताया कि जल्द ही झांसी मेडिकल कॉलेज को डेढ़ करोड़ रुपये ट्रामा सेंटर के कर्मचारियों के मानदेय के लिए जारी कर दिए जाएंगे।
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