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एमबीबीएस की 150 सीटें हो गईं, न क्षमता की लाइब्रेरी है, न हॉस्टल

Sun, 11 Sep 2022 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 12:54 AM IST
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MBBS 150 seat full not libraray and not hostel
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तीन साल पहले एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 150 तो हो गईं मगर सुविधाएं नहीं बढ़ सकी हैं। यहां न तो क्षमता की लाइब्रेरी है और न ही हॉस्टल। जबकि, 2024 में नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की टीम का निरीक्षण होना है। यदि सुविधाएं नहीं बढ़ीं तो बढ़ी हुई सीटों की मान्यता फंस सकती है।
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मेडिकल कॉलेज में 2018 तक एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश होते थे। इसके बाद 2019 बैच से 50 सीटें और बढ़ गई थीं। यहां पर जो लेक्चर थिएटर बने हैं, वो काफी पुराने हैं। इनकी क्षमता सौ से सवा सौ छात्र-छात्राओं की ही है। कभी-कभार दो बैच के संयुक्त लेक्चर कराने पड़ते हैं। ऐसे में एक साथ सभी छात्र-छात्राएं नहीं बैठ पाते हैं। वहीं, यहां बनी लाइब्रेरी भी छोटी है, जिसमें करीब सौ छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर पाते हैं। सबसे बड़ी समस्या हॉस्टल को लेकर है। एमबीबीएस छात्रों के लिए दो और छात्राओं के लिए एक हॉस्टल बने हैं। अभी कई छात्रों को पैरामेडिकल कॉलेज में रहने के लिए हॉस्टल दिया गया है। पैरामेडिकल कॉलेज से मेडिकल कॉलेज आने में छात्रों को काफी दिक्कत होती है। इसके अलावा कॉलेज में एक साथ डेढ़ सौ छात्र-छात्राओं को बैठाकर परीक्षा कराने के लिए बड़ा हॉल भी नहीं है। ऐसे में सेमेस्टर परीक्षाएं कराने में भी दिक्कत होती है।
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कॉलेज में नए लेक्चर थिएटर, लाइब्रेरी आदि का निर्माण होना है। इसके लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। - डॉ. अंशुल जैन, उप प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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