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मतपेटिका के गणित ने अटकाई चुनावी तैयारियां
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झांसी। पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे अफसरों को इस बार एक नई समस्या से जूझना पड़ रहा। राज्य निर्वाचन आयोग पहली बार पूरे जनपद में एक साथ चुनाव कराने के संग चारों पदों का चुनाव भी कराने जा रहा है। अधिकारियों ने जो हिसाब लगाया है उसके मुताबिक मतपेटिकाओं की संख्या बहुत कम है। अतिरिक्त मतपेटिकाएं भी प्रशासन के पास नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक अफसरों ने अतिरिक्त मतपेटिकाओं के लिए लिखा-पढ़ी आरंभ की है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने पिछले दिनों हुई वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान साफ कर दिया था कि पूरे जनपद में एक साथ मतदान होगा। पहली बार सभी चारों पद (ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य) के चुनाव भी साथ होंगे। एक बूथ पर 800 मतदाता भी तय कर दिए गए। इस तरह एक बूथ पर अधिकतम 3200 वोट डाले जाएंगे लेकिन, एक मतपेटिका में अधिकतम 1200-1300 वोट ही डाले जा सकते हैं। ऐसे में एक बूथ पर न्यूनतम चार मतपेटिका उपलब्ध करानी होंगी लेकिन, आयोग ने पूर्व की व्यवस्था के मुताबिक औसतन ढाई मतपेटिका प्रति बूथ के लिहाज से यहां भेजी है।
अधिकारियों के मुताबिक जनपद को कुल 4765 मतपेटिकाएं उपलब्ध कराई गईं, इनमें 170 मतपेटिकाएं खराब मिलीं। अब यहां चुनाव कराने को सिर्फ 4595 मतपेटिकाएं ही बची हैं। बता दें, वर्ष 2015 में हुए चुनाव में मतदाताओं की कुल संख्या 896005 थी लेकिन, इस बार यह बढ़कर 964703 हो गई। प्रत्येक मतदाता को चार वोट डालने होंगे। इस तरह करीब 3858812 मतपत्रों का इस्तेमाल होगा। आयोग ने मतदान कर्मियों की संख्या में भी कटौती की है। पिछली बार प्रत्येक मतदान केंद्र में चार कर्मियों के संग एक अतिरिक्त कर्मी लगाया गया था लेकिन, इस दफे तीन पर एक अतिरिक्त कर्मचारी तय किया गया है हालांकि सीडीओ शैलेष कुमार का कहना है कि इस संबंध में पत्र भेजा गया है। समय पर समस्या सुलझा ली जाएगी।
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राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने पिछले दिनों हुई वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान साफ कर दिया था कि पूरे जनपद में एक साथ मतदान होगा। पहली बार सभी चारों पद (ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य) के चुनाव भी साथ होंगे। एक बूथ पर 800 मतदाता भी तय कर दिए गए। इस तरह एक बूथ पर अधिकतम 3200 वोट डाले जाएंगे लेकिन, एक मतपेटिका में अधिकतम 1200-1300 वोट ही डाले जा सकते हैं। ऐसे में एक बूथ पर न्यूनतम चार मतपेटिका उपलब्ध करानी होंगी लेकिन, आयोग ने पूर्व की व्यवस्था के मुताबिक औसतन ढाई मतपेटिका प्रति बूथ के लिहाज से यहां भेजी है।
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अधिकारियों के मुताबिक जनपद को कुल 4765 मतपेटिकाएं उपलब्ध कराई गईं, इनमें 170 मतपेटिकाएं खराब मिलीं। अब यहां चुनाव कराने को सिर्फ 4595 मतपेटिकाएं ही बची हैं। बता दें, वर्ष 2015 में हुए चुनाव में मतदाताओं की कुल संख्या 896005 थी लेकिन, इस बार यह बढ़कर 964703 हो गई। प्रत्येक मतदाता को चार वोट डालने होंगे। इस तरह करीब 3858812 मतपत्रों का इस्तेमाल होगा। आयोग ने मतदान कर्मियों की संख्या में भी कटौती की है। पिछली बार प्रत्येक मतदान केंद्र में चार कर्मियों के संग एक अतिरिक्त कर्मी लगाया गया था लेकिन, इस दफे तीन पर एक अतिरिक्त कर्मचारी तय किया गया है हालांकि सीडीओ शैलेष कुमार का कहना है कि इस संबंध में पत्र भेजा गया है। समय पर समस्या सुलझा ली जाएगी।
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