फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Mandi samiti loss more than one carore rupees

मंडी समिति को दो माह में हुआ एक करोड़ से अधिक का नुकसान

Sun, 09 Aug 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 01:12 AM IST
विज्ञापन
Mandi samiti loss more than one carore rupees
झांसी। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए अध्यादेश में मंडी शुल्क को घटा दिया गया है। इसके अलावा किसान व व्यापारी को मंडी परिसर के बाहर भी सब्जी, फल, गेहूं, चना व अन्य खाद्यानों को बेचने की इजाजत दी गई है। जिसके चलते मंडी समिति को दो माह में ही एक करोड़, अठारह लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। जबकि, पिछले वर्ष जून माह में एक करोड़ ग्यारह लाख व जुलाई महीने में छियत्तर लाख, पचास हजार रुपए मंडी शुल्क के रूप में वसूले गए थे।
विज्ञापन

किसानों द्वारा सब्जियों, फलों, गेहूं, चावल, मूंगफली, चना व अन्य खाद्यानों को मंडी के अंदर ही बेचने का नियम था। जिसके एवज में किसानों व व्यापारियों द्वारा मंडी समिति को ढाई फीसदी मंडी शुल्क अदा किया जाता था। सरकार द्वारा पांच जून दो हजार बीस को एक अध्यादेश लागू किया गया था। जिसके तहत मंडी शुल्क को घटाकर एक फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा किसान व व्यापारी अपनी मर्जी के अनुसार मंडी के बाहर भी बिक्री करने का नियम तय कर दिया गया है। जिसके चलते अब किसानों व व्यापारियों द्वारा मंडी में न लाकर अब बाहर ही बिक्री की जाने लगी है। जिसके चलते मंडी शुल्क में कटौती होने लगी है। मंडी समिति को जून व जुलाई माह में पिछले वर्ष की अपेक्षा एक करोड़ अठारह लाख का नुकसान झेलना पड़ा है।
विज्ञापन

इस संबंध में मंडी समिति के सचिव पंकज शर्मा ने बताया कि सरकार लागू किए गए नए अध्यादेश के कारण अधिकतर व्यापारियों द्वारा मंडी परिसर के बाहर ही खाद्यानों को बेचा जा रहा है। जिसके चलते मंडी समिति के शुल्क में दो माह में एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed