फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   malaria department, 42 post vacant of field workers

मलेरिया विभाग खुद बीमार, फील्ड वर्कर के 56 में से 42 पद खाली

Thu, 09 Sep 2021 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 01:39 AM IST
विज्ञापन
malaria department, 42 post vacant of field workers
मलेरिया विभाग खुद बीमार, फील्ड वर्कर के 56 में से 42 पद खाली
विज्ञापन

झांसी। कर्मचारियों की कमी की वजह से मलेरिया विभाग खुद बीमार हो गया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विभाग की रीढ़ माने जाने वाले फील्ड वर्करों के 56 में से 42 पद खाली हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मलेरिया से निपटने की दवाओं के छिड़काव के काम पर पड़ा है। दवा का छिड़काव सिमट कर रहा गया है।
अब से 10-15 साल पहले मानसूनी सीजन के अपने अंतिम मुकाम पर पहुंचने के साथ ही गली-गली में मलेरिया विभाग के कर्मचारी दवाओं का छिड़काव करते नजर आने लगते थे। गली-मुहल्लों से लेकर लोगों के घरों तक में पंप के जरिये ये कर्मचारी दवा का छिड़काव करते थे। लेकिन, अब ये नजर नहीं आते। मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार जिले में लगातार अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। बावजूद, दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। छिड़काव केवल उन्हीं क्षेत्रों में होता है, जहां से मरीज सामने आते हैं।
विज्ञापन

इसकी सबसे बड़ी वजह कर्मचारियों की कमी है। विभाग में पिछले दस साल से कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है, जबकि साल दर साल कर्मचारी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा कमी फील्ड वर्कर की हो गई है। विभाग में फील्ड वर्कर के 42 पद हैं, जबकि तैनात सिर्फ सात ही हैं। इसी प्रकारी सुपीरियर फील्ड वर्कर के 14 में से सात खाली बने हुए हैं। स्लाइड की जांच करने वाले एक मात्र लैब टेक्निशियन भी अगले छह महीने में रिटायर होने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां डेंगू या मलेरिया का मरीज मिलता है, वहां मौजूदा स्टाफ को भेजकर लार्वीसाइड का छिड़काव कराया जाता है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों से छिड़काव की मांग आती है, वहां भी कर्मचारी भेजे जाते हैं।

- आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी
मलेरिया विभाग के परिसर में मच्छरों का इंतजाम
झांसी। मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों के नियंत्रण के लिए मलेरिया विभाग द्वारा लोगों को घर में कंडम सामान इकट्ठा न करने की सलाह दी जा रही है, कूलरों का पानी खाली करने को कहा जा रहा है, लेकिन विभाग की ये अपील बेमानी साबित हो रही है। जी हां, मलेरिया विभाग के परिसर में सात कंडम एंबुलेंस पिछले लगभग दस सालों से खड़ी हुईं हैं। लगातार खड़े रहने की वजह से इनमें झाड़ियां तक उग आईं हैं और पानी भी जमा है, जो मच्छरों के लिए एकदम मुफीद स्थान साबित हो रहा है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed