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गेहूं खरीद को मोबाइल क्रय केंद्र तो बनाए लेकिन बोहनी फिर भी कर न पाए
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झांसी। गेहूं खरीद केंद्रों पर किसान न पहुंचने की वजह से अब जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। अब घर-घर जाकर किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। लेकिन इसके लिए भी किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आलम यह है कि जनपद में बनाए गए 64 मोबाइल केंद्रों में से 63 केंद्रों पर बोहनी नहीं हो सकी है। महज एक केंद्र प्रभारी द्वारा बूढ़ा भोजला से 25 क्विंटल की खरीद की गई है। शासन द्वारा खरीद की अंतिम तिथि 15 जून 2022 निर्धारित की गई है। इसके लिए जनपद को 99 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 13 हजार क्विंटल की ही अब तक खरीद हो पाई है। इससे तय समय पर लक्ष्य पूर्ति करना प्रशासन के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। इस संबंध में खाद्य विपणन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों को गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9415659552 जारी किया गया है।
एक ट्रक गेहूं होने पर ही होगी खरीद
किसान अगर क्रय केंद्र पर गेहूं लाने में असमर्थ हैं तो सरकार घर से ही गेहूं खरीद रही है, लेकिन इसमें भी एक शर्त है कि एक ट्रक गेहूं उस क्षेत्र में होना चाहिए, तभी मोबाइल केंद्र गेहूं खरीदेंगे। एक दिक्कत इस बात की भी है कि न अगर किसान के पास एक ट्रक गेहूं नहीं है तो वह अपना गेहूं ही नहीं बेच पाएगा।
किसानों का भी त्वरित हो रहा भुगतान
अब तक जनपद के 295 किसानों से गेहूं की खरीद की गई है जिनका 263 लाख रुपये शासन द्वारा भुगतान करना था। इसके सापेक्ष 248 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। बाकी भुगतान भी त्वरित कर दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर किसान के न पहुंचने की वजह से अब किसानाें के भुगतान में भी प्रशासन तत्परता दिखा रहा है। किसानों के खाते में 72 घंटे के अंदर पैसा पहुंचाया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत के कारण अगर किसी किसान के खाते में पैसा नहीं पहुंच रहा है तो उसके लिए अफसरों द्वारा कवायद की जा रही है।
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एक ट्रक गेहूं होने पर ही होगी खरीद
किसान अगर क्रय केंद्र पर गेहूं लाने में असमर्थ हैं तो सरकार घर से ही गेहूं खरीद रही है, लेकिन इसमें भी एक शर्त है कि एक ट्रक गेहूं उस क्षेत्र में होना चाहिए, तभी मोबाइल केंद्र गेहूं खरीदेंगे। एक दिक्कत इस बात की भी है कि न अगर किसान के पास एक ट्रक गेहूं नहीं है तो वह अपना गेहूं ही नहीं बेच पाएगा।
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किसानों का भी त्वरित हो रहा भुगतान
अब तक जनपद के 295 किसानों से गेहूं की खरीद की गई है जिनका 263 लाख रुपये शासन द्वारा भुगतान करना था। इसके सापेक्ष 248 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। बाकी भुगतान भी त्वरित कर दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर किसान के न पहुंचने की वजह से अब किसानाें के भुगतान में भी प्रशासन तत्परता दिखा रहा है। किसानों के खाते में 72 घंटे के अंदर पैसा पहुंचाया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत के कारण अगर किसी किसान के खाते में पैसा नहीं पहुंच रहा है तो उसके लिए अफसरों द्वारा कवायद की जा रही है।
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