{"_id":"5d5afcfa8ebc3e89bf3dae4a","slug":"mahila-helpline-181-in-crisis-of-fund-jhansi-news-jhs1461485162","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला हेल्पलाइन 181 खुद हुई मोहताज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला हेल्पलाइन 181 खुद हुई मोहताज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला हेल्पलाइन 181 खुद हुई मोहताज
झांसी। आकस्मिक स्थिति में महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित 181 महिला हेल्पलाइन सेवा इन दिनों खुद मोहताज है। डीजल का बजट न आने की वजह से हेल्पलाइन टीम की वैन के पहिये पिछले एक महीने से थमे हुए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
किसी अप्रिय परिस्थिति में महिलाओं को तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग द्वारा हेल्पलाइन सेवा 181 संचालित की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं 181 पर कॉल कर सहायता हासिल कर सकती हैं। पीड़ित महिला तक पहुंचने के लिए एक चौपहिया वाहन दे रखा है, जिसमें दो महिला पुलिस कर्मचारी, सुगमकर्ता और चालक की तैनाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से डीजल न मिल पाने की वजह से इस गाड़ी के पहिये थमे हुए हैं। हालांकि, शुरुआत में हेल्पलाइन सेवा में तैनात कर्मचारियों ने जोड़तोड़ कर गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वे भी ज्यादा दिनों तक गाड़ी नहीं चला पाए। वर्तमान में गाड़ी के पहिये पूरी तरह से थमे हुए हैं। इससे टीम मदद मांगने वाली महिलाओं के पास नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में पीड़ित महिलाओं से कहा जाता है कि वे 100 नंबर पर पुलिस को फोन करें और किसी तरह से मेडिकल कालेज में स्थित सेंटर तक पहुंच जाएं। यहां उनको सहायता मिल जाएगी। वहीं, हेल्पलाइन सेवा में तैनात ड्राइवर, सफाई कर्मचारी और दो सुगमकर्ताओं को पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान भी नहीं हुआ है। ये सभी कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं।
डीजल उपलब्ध कराने वाले वेंडर का भुगतान लटका हुआ है। ऐसे में उसने डीजल देने से मना कर दिया है, जिससे ये स्थिति पैदा हो गई है। विभाग के निदेशक को इसकी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। वहीं, मदद मांगने वाली पीड़िताओं को 100 नंबर डायल करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे पुलिस के जरिये सेंटर तक पहुंच सकें।
विज्ञापन
- नंदलाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
विज्ञापन
झांसी। आकस्मिक स्थिति में महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित 181 महिला हेल्पलाइन सेवा इन दिनों खुद मोहताज है। डीजल का बजट न आने की वजह से हेल्पलाइन टीम की वैन के पहिये पिछले एक महीने से थमे हुए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
किसी अप्रिय परिस्थिति में महिलाओं को तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग द्वारा हेल्पलाइन सेवा 181 संचालित की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं 181 पर कॉल कर सहायता हासिल कर सकती हैं। पीड़ित महिला तक पहुंचने के लिए एक चौपहिया वाहन दे रखा है, जिसमें दो महिला पुलिस कर्मचारी, सुगमकर्ता और चालक की तैनाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से डीजल न मिल पाने की वजह से इस गाड़ी के पहिये थमे हुए हैं। हालांकि, शुरुआत में हेल्पलाइन सेवा में तैनात कर्मचारियों ने जोड़तोड़ कर गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वे भी ज्यादा दिनों तक गाड़ी नहीं चला पाए। वर्तमान में गाड़ी के पहिये पूरी तरह से थमे हुए हैं। इससे टीम मदद मांगने वाली महिलाओं के पास नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में पीड़ित महिलाओं से कहा जाता है कि वे 100 नंबर पर पुलिस को फोन करें और किसी तरह से मेडिकल कालेज में स्थित सेंटर तक पहुंच जाएं। यहां उनको सहायता मिल जाएगी। वहीं, हेल्पलाइन सेवा में तैनात ड्राइवर, सफाई कर्मचारी और दो सुगमकर्ताओं को पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान भी नहीं हुआ है। ये सभी कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं।
विज्ञापन
डीजल उपलब्ध कराने वाले वेंडर का भुगतान लटका हुआ है। ऐसे में उसने डीजल देने से मना कर दिया है, जिससे ये स्थिति पैदा हो गई है। विभाग के निदेशक को इसकी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। वहीं, मदद मांगने वाली पीड़िताओं को 100 नंबर डायल करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे पुलिस के जरिये सेंटर तक पहुंच सकें।
विज्ञापन
- नंदलाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी