{"_id":"67b4f46580db19c17b0d9ae0","slug":"mahashivratri-in-shravan-nakshatra-there-will-be-joy-of-devotion-to-mahadev-jhansi-news-c-11-1-jhs1032-497317-2025-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: श्रवण नक्षत्र में महाशिवरात्रि, महादेव की भक्ति का रहेगा उल्लास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: श्रवण नक्षत्र में महाशिवरात्रि, महादेव की भक्ति का रहेगा उल्लास
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व महाशिवरात्रि 26 फरवरी बुधवार को श्रद्धा से मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं द्वारा गाजे - बाजे के साथ भव्य बरातें निकाली जाएंगी। पर्व पर श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। महानगर के शिव मंदिरों में तैयारियां उत्साह से शुरू हो गई हैं।
सनातन धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। श्रद्धालु व्रत धारण कर विधि - विधान से महादेव एवं मां पार्वती की पूजा आराधना करते हैं। अपने आराध्य देव के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए सभी मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से भक्तों का तांता लग जाता है, जो देर रात्रि तक रहता है। महानगर में पानी वाली धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, राजा बाबा महादेव मंदिर, भूतनाथ मंदिर सहित अन्य सभी शिव मंदिरों में पर्व पर पूजा एवं अनुष्ठान होंगे। भव्य बरातें निकाली जाएंगी।
विज्ञापन
इसके साथ ही अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इसके लिए भक्तों ने तैयारियां उत्साह से शुरू कर दी हैं। आचार्य सुबोध शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर श्रवण नक्षत्र शाम 5:23 बजे तक, इसके पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा मकर राशि में होगा और परिध योग रहेगा। उनके अनुसार महाशिवरात्रि पर्व पर रात्रि में चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली रहती है।
विज्ञापन