फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   teacher s child cry too much thats why maid used to give him cannabis

नौकरानी रखने वाले ध्यान दें: बच्चा रोए न इसलिए खिला देती थी भांग, महिला की करतूत और ये कबूलनामा हैरान कर देगा

Tue, 21 Jun 2022 04:08 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Tue, 21 Jun 2022 04:08 PM IST
सार

अगर आप घर के काम और बच्चों की देखभाल के लिए नौकरानी रखते हैं तो आपको ये खबर जरूर पढ़नी चाहिए। मामला यूपी के झांसी जिले का है। यहां एक शिक्षिका के घर में काम करने वाली नौकरानी ने ऐसी हरकत की जिससे एक बच्चे की जिंदगी संकट में पड़ सकती थी। गनीमत रही कि समय रहते मामले का खुलासा हो गया।

विज्ञापन
teacher s child cry too much thats why maid used to give him cannabis
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

झांसी में एक शिक्षिका ने ढाई साल के मासूम की देखरेख के लिए नौकरानी रखी। रोजाना उसी के भरोसे बच्चे को छोड़कर शिक्षिका स्कूल पढ़ाने चली जाती थी। घर पर बच्चा रोता तो नौकरानी को कामकाज में दिक्कत होती। फिर नौकरानी ने मासूम को भांग खिलानी शुरू कर दी। इसको खाने के बाद बच्चा दिनभर सोता रहता था। जब इसका खुलासा हुआ तब शिक्षिका ने नौकरानी को काम से हटा दिया।

विज्ञापन


शहर क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका के यहां लंबे समय से नौकरानी घर का काम करती थी। पति-पत्नी रोजाना बच्चे को नौकरानी के भरोसे छोड़कर अपने-अपने ऑफिस चले जाते। दोपहर में शिक्षिका जब लौटकर आती तो उसे बच्चा सोता हुआ मिलता। स्कूल की छुट्टियां हुईं तो शिक्षिका के सामने दिनभर बच्चा चिड़चिड़ाता रहता था। फिर शिक्षिका ने नौकरानी से पूछा कि जब वह स्कूल से आती थीं, तब रोज बच्चा सोता मिलता था, अब क्यों रोता रहता है।

विज्ञापन

नौकरानी ने कहा कि बच्चे के पेट में दर्द होता है। इसलिए वह दूध में मिलाकर दवा दे देती थी, इससे उसे आराम मिल जाता था। इस पर शिक्षिका के होश उड़ गए। उसने दवा के बारे में पूछा। नौकरानी ने उन्हें भांग की गोली दी। शिक्षिका ने पास के डॉक्टर के पास जाकर वो दवा दिखाई। तब पता चला कि नौकरानी उनके बच्चे को भांग की गोली खिला रही थी। फिर शिक्षिका ने नौकरानी को काम से हटा दिया।

 

वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अमन किशोर ने बताया कि भांग खाने वाला भविष्य में पागलपन व डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। आत्महत्या की प्रवृत्ति जागृत होने के अलावा व्यक्ति छोटी सी बात पर आवेश में आकर दूसरों की भी जान ले सकता है। इन दिनों युवाओं में भी भांग का सेवन करने के मामले काफी बढ़े हैं। ऐसे में परिजनों को भी निगरानी रखने की जरूरत है।

विज्ञापन

नौकरानी बोली- मुझे तो मेरी मां खिलाती थी
मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षिका नौकरानी को मनोरोगी समझकर जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंची। डॉक्टर को नौकरानी ने बताया कि पेट में दर्द होने पर वह रोती थी तो उसकी मां भांग की गोली खिला देती थी। इससे उसे आराम मिल जाता था। इसलिए जब शिक्षिका का बच्चा रोता था तो उसे लगता था कि पेट में दर्द हो रहा होगा। इसलिए वह गोली खिला देती थी।

नौकर ने लगा दी किशोर को भांग की लत
सिविल लाइन में रहने वाले किशोर को उसके घर के नौकर ने भांग की लत लगा दी। दरअसल, नौकर खुद भी भांग का सेवन करता था। किशोर उससे सिगरेट, मसाला मंगवाता रहता था। फिर नौकर ने कहा कि इससे ज्यादा अच्छा नशा तो भाग में होता है। पहले उसने पान में भांग मिलाकर खिलानी शुरू की। फिर किशोर इसका इस कदर आदी हो गया कि दिनभर में 30 से 35 भांग की गोलियां खाने लगा। वह बेहोश सा रहने लगा, तब परिजन इलाज कराने मनोचिकित्सक के पास पहुंचे।

शिक्षिका के छोटे बच्चे से लेकर नौकर द्वारा किशोर को भांग का आदी बनाने के मामले आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को बच्चों को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इन दिनों भांग का सेवन युवाओं में भी खूब बढ़ गया है। ओपीडी में हर महीने 100 से 120 मरीज मुनक्का यानी भांग का नशा करने वाले इलाज कराने आ रहे हैं। कई लोग बच्चे के पेट में दर्द होने पर भी भांग खिलाते हैं। - डॉ. शिकाफा जाफरीन, मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed