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मालगाड़ी में गार्ड की जगह मशीन संभालेगी संचालन व्यवस्था

Wed, 04 Aug 2021 02:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 02:00 AM IST
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Machine will handle the operation system instead of guard in goods train
झांसी। आने वाले दिनों में मालगाड़ियों पर गार्ड नजर नहीं आएंगे। रेलवे ये व्यवस्था समाप्त करने जा रहा है। मालगाड़ियों का संचालन बगैर गार्ड के ऑटोमेटिक सिस्टम ‘एंड ऑफ ट्रेन टेलीमेट्री’ से किया जाएगा। इस प्रणाली का सफल प्रयोग उत्तर मध्य रेलवे के जीएमसी कानपुर यार्ड से आगरा के बीच किया गया। इस प्रयोग के बाद 900 डिवाइस तैयार करने कर आर्डर बनारस लोकोमोटिव वर्कशाप को दे दिया गया है। इन डिवाइस को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी, प्रयागराज व आगरा मंडल से संचालित मालगाड़ियों में लगाया जाएगा।
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रेलवे को सबसे अधिक राजस्व देने वालीं मालगाड़ियों के सुचारु रूप से संचालन में गार्ड की अहम भूमिका रहती है। मालगाड़ी के पीछे लगने वाले ब्रेकवान में मौजूद गार्ड को संचालन के हर गतिरोध पर नजर रखना पड़ता है। हर स्टेशन पर सिगनल एक्सचेंज कराना, वैगनों में कोई गड़बड़ी दिखने पर ड्राइवर को सूचित करने के बाद हैंड ब्रेक लगाकर गाड़ी की गति को धीमा करना, खतरा भांपना, लूपलाइन में मालगाड़ी को खड़ा करते वक्त कोई डिब्बा दूसरी लाइन पर तो नहीं,, दूसरी लाइन से गुजर रही ट्रेन का ध्यान रखना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करने पड़ते हैं। मगर, अब बनारस रेल इंजन कारखाना व आरडीएसओ लखनऊ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन) ने एक आधुनिक उपकरण ईओटीटी (एंड आफ ट्रेन टेलीमेट्री) तैयार किया है। इस डिवाइस की मदद से गार्ड के बिना ही मालगाड़ी का संचालन किया जा सकेगा। इस डिवाइस का प्रयोग रविवार को एक मालगाड़ी को जीएमसी पावर केबिन कानपुर से आगरा तक (235 किलोमीटर दूरी) दौड़ा कर किया गया। इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डा. शिवम शर्मा ने बताया कि कानपुर से आगरा के बीच एक मालगाड़ी में ईओटीटी सिस्टम का सफल प्रयोग किया गया।
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- इस तरह काम करेगा सिस्टम
यह सिस्टम जीपीएस आधारित है, जिसके दोनों यूनिट रेडियो ट्रांसमीटर के जरिये एक दूसरे से जुड़े रहते हैं। एक यूनिट इंजन व दूसरी मालगाड़ी के पीछे लगती है। इनके बीच ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल कम्यूनिकेशन है जो डाटा ट्रांसफर करने का काम करता है। इससे ड्राइवर को दूसरी यूनिट की मदद से पीछे की गतिविधियों की जानकारी मिलती रहती है।
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- मंडल में 250 मालगाड़ी गार्ड कार्यरत
देश भर में दस हजार से अधिक मालगाड़ी दौड़ रहीं हैं। इनमें झांसी रेल मंडल से सौ से अधिक मालगाड़ियां प्रतिदिन गुजरतीं हैं। इन मालगाड़ियों के संचालन के लिए मंडल के झांसी, ग्वालियर व बांदा में 250 से अधिक गार्ड कार्यरत हैं। इस सिस्टम के लगने के बाद मालगाड़ी के गार्डों को प्रशिक्षण देकर सवारी गाड़ियों के रिक्त पदों को भरा जाएगा। साथ ही जो गार्ड बचेंगे उनको दूसरे कार्यों में लगाया जाएगा।
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