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जयकारों के बीच गणपति की मूर्तियों का किया विसर्जन
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झांसी। शनिवार को गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने डोल ग्यारस पर घरों में विराजमान भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन किया। कई श्रद्धालुओं ने घर में रखे बड़े बर्तनों को कुंड के रूप में तैयार किया और गंगाजल तथा पुष्प जल में डालकर पूजा पाठ के बाद विसर्जन किया। हालांकि कई श्रद्धालुओं ने जलाशयों में भी विसर्जन किया। वहीं लक्ष्मी तालाब और आतियां तालाब पर पुलिस का पहरा रहा।
भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर घर घर भगवान गणेश की मूर्तियां विराजमान की गई थी। कोरोना से बचाव के कारण इस बार सार्वजनिक गणेश पंडाल नहीं सजाए गए थे। लोगों ने अपने घरों में ही भगवान गणेश की मूर्तियां विराजमान कर सजाई थी। महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में कुंड बनाया गया। भगवान की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने मूर्तियों को विसर्जित किया। यहां पर गजानन खानवलकर, उज्जवल देवधर, राहुल खांडेकर मौजूद रहे। वहीं, कई श्रद्धालुओं ने पानी वाली धर्मशाला, पहूज बांध, बरुआसागर की बेतवा नदी सहित अन्य जलाशयों में विसर्जन किया।
झांसी। इस बार कोरोना के कारण लक्ष्मी तालाब पर जलविहार के लिए मंदिरों के विमान नगर भ्रमण के लिए नहीं निकले। इधर सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान का जलविहार कराया।
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बुंदेलखंड में ढोल ग्यारस पर मंदिरों के विमानों निकलने की परंपरा प्राचीन है। लेकिन इस बार कोरोना से बचाव के कारण मंदिरों के विमानों के नगर भ्रमण पर रोक रही। ऐसे में श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देवताओं के दर्शन मंदिरों में जाकर किए। इधर श्री सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलविहार पर्व पर शंख घंटा घड़ियाल बजाते हुए ठाकुर जी की विमान यात्रा मंदिर परिसर में निकाली। भगवान को जलविहार कराया और उनकी आरती वंदना की। यहां पर आचार्य हरिओम पाठक, मनोज पाठक, जगदीश दुबे, मोनू महाराज आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। इधर सदर बाजार में बिहारी जी के मंदिर में जलविहार उत्सव मनाया गया। बृज मोहन मिश्रा, रविंद्र जैन, रामेश्वर प्रसाद, वैभव अग्रवाल आदि श्रद्धालुओं ने आरती की।
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भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर घर घर भगवान गणेश की मूर्तियां विराजमान की गई थी। कोरोना से बचाव के कारण इस बार सार्वजनिक गणेश पंडाल नहीं सजाए गए थे। लोगों ने अपने घरों में ही भगवान गणेश की मूर्तियां विराजमान कर सजाई थी। महाराष्ट्र समाज के गणेश मंदिर में कुंड बनाया गया। भगवान की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने मूर्तियों को विसर्जित किया। यहां पर गजानन खानवलकर, उज्जवल देवधर, राहुल खांडेकर मौजूद रहे। वहीं, कई श्रद्धालुओं ने पानी वाली धर्मशाला, पहूज बांध, बरुआसागर की बेतवा नदी सहित अन्य जलाशयों में विसर्जन किया।
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झांसी। इस बार कोरोना के कारण लक्ष्मी तालाब पर जलविहार के लिए मंदिरों के विमान नगर भ्रमण के लिए नहीं निकले। इधर सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान का जलविहार कराया।
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बुंदेलखंड में ढोल ग्यारस पर मंदिरों के विमानों निकलने की परंपरा प्राचीन है। लेकिन इस बार कोरोना से बचाव के कारण मंदिरों के विमानों के नगर भ्रमण पर रोक रही। ऐसे में श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देवताओं के दर्शन मंदिरों में जाकर किए। इधर श्री सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलविहार पर्व पर शंख घंटा घड़ियाल बजाते हुए ठाकुर जी की विमान यात्रा मंदिर परिसर में निकाली। भगवान को जलविहार कराया और उनकी आरती वंदना की। यहां पर आचार्य हरिओम पाठक, मनोज पाठक, जगदीश दुबे, मोनू महाराज आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। इधर सदर बाजार में बिहारी जी के मंदिर में जलविहार उत्सव मनाया गया। बृज मोहन मिश्रा, रविंद्र जैन, रामेश्वर प्रसाद, वैभव अग्रवाल आदि श्रद्धालुओं ने आरती की।