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किशोरी के साथ दुष्कर्म में आजीवन कारावास
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झांसी। अनुसूचित जाति की नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने 12 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक कपिल करौलिया व केशवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कक्षा नौ में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की एक किशोरी ने समथर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया गया था कि 26 जनवरी 2010 के दिन में तकरीबन तीन बजे वह खेत पर मटर तोड़ने गई थी। इसी दरम्यान समथर के ग्राम अंगथरी निवासी हरीमोहन लोधी आया और खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया। वह अपने साथ बंदूक भी लिए हुए था। पीड़िता ने बताया कि घटना के दरम्यान उसकी मौसी भी मौके पर मौजूद थी। लेकिन, वह डर की वजह से विरोध नहीं कर पाई थी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त हरिमोहन लोधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाईं गई।
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विशेष लोक अभियोजक कपिल करौलिया व केशवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कक्षा नौ में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की एक किशोरी ने समथर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया गया था कि 26 जनवरी 2010 के दिन में तकरीबन तीन बजे वह खेत पर मटर तोड़ने गई थी। इसी दरम्यान समथर के ग्राम अंगथरी निवासी हरीमोहन लोधी आया और खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया। वह अपने साथ बंदूक भी लिए हुए था। पीड़िता ने बताया कि घटना के दरम्यान उसकी मौसी भी मौके पर मौजूद थी। लेकिन, वह डर की वजह से विरोध नहीं कर पाई थी।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त हरिमोहन लोधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाईं गई।
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