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Jhansi News: झांसी में एलएचबी कोच को मिल रहा नया रूप, गतिमान के डिब्बे भी हो रहे तैयार

Mon, 06 Nov 2023 11:51 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Nov 2023 11:51 PM IST
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LHB coach is getting a new look in Jhansi, Gatimaan coaches are also getting ready
आग से बचाव के इंतजामों पर फोकस
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। देशभर में रेल पटरियों पर दौड़ रहे एलएचबी कोच को झांसी में नया रूप दिया जा रहा है। झांसी में बने सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाने में तेजी से एलएचबी कोचों की मरम्मत का काम चल रहा है। कारखाने में अब तक 85 कोचों की मरम्मत की जा चुकी है। इसके साथ ही गतिमान, ताज और शताब्दी के कोच के कायाकल्प का काम चल रहा है। इसमें सबसे ज्यादा यात्रियों की सुविधा और आग से बचाव के इंतजामों पर फोकस किया जा रहा है।
झांसी में 2014 में नगरा हाट के मैदान के पास सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाने का लोकार्पण किया गया था। यहां रेलवे ने आईसीएफ कोचों की मरम्मत का काम शुरू किया। अब रेलवे ने आईसीएफ कोच की जगह ट्रेन में एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच लगाने शुरू कर दिए हैं। अब रेलवे ने कारखाने में एलएचबी कोचों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। यहां हर 15 दिन में एक कोच को नया स्वरूप दिया जा रहा है। मौजूदा समय में हर महीने छह एसी और छह साधारण एलएचबी कोच की मरम्मत की जाती है। अफसरों के मुताबिक एक कोच की औसत आयु 25 साल होती है, लेकिन हर तीसरे साल में कोच की मरम्मत और कमियों को दूर किया जाता है। मौजूदा समय में आ रहे कोचों में आग से बचाव के लिए कोच की लाइट की वायरिंग और लाइटों को दुरुस्त किया जा रहा है।
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झांसी में आगरा, प्रयागराज और झांसी से हर महीने कोच कारखाने में भेजे जाते हैं। इसके अलावा ताज और गतिमान एक्सप्रेस के कोचों को भी नया रूप दिया जा रहा है। अफसरों के मुताबिक अब तक यह काम भोपाल, सोनीपत में किया जाता था, लेकिन झांसी में यह काम शुरू होने के बाद कोच जल्दी-जल्दी रिपेयर हो रहे हैं।
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निरीक्षण यान और कैंपिंग कोच भी बने
कारखाने में रेलवे अफसरों के ट्रैक के निरीक्षण के लिए प्रयोग होने वाले निरीक्षण यान भी बन रहे हैं। इसमें रसोई घर, कांफ्रेंस हॉल, रेस्ट रूम और आधुनिक शौचालय बनाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के कैंपिंग के लिए कैंपिग वैन भी बनाई गई है। अब तक आठ कैंपिंग कोच बनाए जा चुके हैं।


मशीनों से किया जाता है पेंट
कारखाने में कोच के बाहर पेंट मशीनों से किया जाता है। इसके साथ ही बोगी की रिपेयरिंग, सीट, शीशे, टॉयलेट, खिड़कियों की भी मरम्मत की जाती है। कारखाना प्रबंधन को रेलवे ने इस साल 408 कोच की मरम्मत करने का लक्ष्य दिया है। इसमें से 245 कोचों की मरम्मत की जा चुकी है। इनमें 85 एलएचबी कोच शामिल हैं।

यह होता है एलएचबी कोच
रेलवे ने हाल ही में एलएचबी कोच दौड़ाने शुरू किए हैं। इन कोचों की खासियत है कि यह कोच हादसे के दौरान पटरी से उतरते नहीं हैं। साथ ही इनमें 80 सीटें होती हैं। इन कोचों की औसत गतिसीमा 130 किमी तक होती है।


कारखाने में एलएचबी कोचों की मरम्मत का काम चल रहा है। हर महीने 12 कोच की मरम्मत की जा रही है। निरीक्षण यान और कैंपिंग कोच भी बनाए गए हैं। - बृजेश पाठक, मुख्य कारखाना प्रबंधक, सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना, झांसी
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