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अपराधी से नेता बनने वालों की खैर नहीं, हिस्ट्रीशीट खुलेगी
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Leader make from criminal
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झांसी। पुलिस विभाग ने पिछले पंद्रह साल में अपराध करने वाले बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन वज्र की शुरुआत की है। इसमें अपराधों की अलग- अलग श्रेणियां बनाईं गईं हैं। सभी श्रेणियों के अपराधियों को चिह्नित किया गया है। सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। अब थानेदार की जिम्मेदारी होगी कि वे उन पर कार्रवाई और निगाह रखें। ताकि अपराधों पर अंकुश लग सकें। जो अपराधी अब नेता बन गए हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी।
शुक्रवार को ऑपरेशन वज्र की जानकारी देते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि हत्या, लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण, गैर इरादतन हत्या, चोरी, चेन स्नैचिंग, जहरखुरानी जैसे अपराधों के आरोपियों की अलग- अलग सूची तैयार की गई है। इसमें पिछले पंद्रह साल तक के अपराधियों को रखा गया है। इस अवधि में हत्या के 1770, लूट के 1082 डकैती के 239, फिरौती अपहरण के 1050 गैर इरादतन हत्या के 483, चैन स्नैचिंग के 182, वाहन चोरी के 1494 अपराधी शामिल हैं। पता लगाया गया है कि वर्तमान में वे अपराधी अपने घर, दूसरे थाना क्षेत्र, दूसरे जिले या दूसरे राज्य में रह रहे हैं। सूची बनाने का उद्देश्य है कि बीट सिपाही से लेकर अधिकारी तक को हर अपराधी की जानकारी हो। कई ऐसे अपराधी भी हैं जो अब नेता बन गए हैं या राजनीतिक संरक्षण ले लिया है। ऐसे सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। जुआ व सट्टा खिलाने वाले भी नहीं छोड़े जाएंगे। जीआरपी से भी अपराधियों का इतिहास मांगा गया है।
अभी इतने अपराधियों की पर हुई कार्रवाई
गुंडा अधिनियम में 77, गैंगस्टर 31 व 14 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, किए गए। 24 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। 21372 लीटर शराब बरामद कर 507 मामले दर्ज किए गए। गैंगस्टर एक्ट के तहत सात प्रकरणों में करीब 19 लाख की संपत्ति जब्त की गई।
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शुक्रवार को ऑपरेशन वज्र की जानकारी देते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि हत्या, लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण, गैर इरादतन हत्या, चोरी, चेन स्नैचिंग, जहरखुरानी जैसे अपराधों के आरोपियों की अलग- अलग सूची तैयार की गई है। इसमें पिछले पंद्रह साल तक के अपराधियों को रखा गया है। इस अवधि में हत्या के 1770, लूट के 1082 डकैती के 239, फिरौती अपहरण के 1050 गैर इरादतन हत्या के 483, चैन स्नैचिंग के 182, वाहन चोरी के 1494 अपराधी शामिल हैं। पता लगाया गया है कि वर्तमान में वे अपराधी अपने घर, दूसरे थाना क्षेत्र, दूसरे जिले या दूसरे राज्य में रह रहे हैं। सूची बनाने का उद्देश्य है कि बीट सिपाही से लेकर अधिकारी तक को हर अपराधी की जानकारी हो। कई ऐसे अपराधी भी हैं जो अब नेता बन गए हैं या राजनीतिक संरक्षण ले लिया है। ऐसे सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। जुआ व सट्टा खिलाने वाले भी नहीं छोड़े जाएंगे। जीआरपी से भी अपराधियों का इतिहास मांगा गया है।
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अभी इतने अपराधियों की पर हुई कार्रवाई
गुंडा अधिनियम में 77, गैंगस्टर 31 व 14 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, किए गए। 24 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। 21372 लीटर शराब बरामद कर 507 मामले दर्ज किए गए। गैंगस्टर एक्ट के तहत सात प्रकरणों में करीब 19 लाख की संपत्ति जब्त की गई।
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