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लखेरी बांध: डूब में रहने वालों को 30 जून तक गांव खाली करने की नोटिस
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लखेरी बांध: डूब में रहने वालों को 30 जून तक गांव खाली करने की नोटिस पहली बार 184 मीटर ऊंचाई तक भरा जाएगा बांध झांसी। लखेरी बांध के डूब इलाके में शामिल गांव को पूरी तरह खाली करने के लिए 30 जून तक डेडलाइन तय की गई है। इन गांव के लोगों को इसके भीतर गांव खाली करने के लिए कहा गया है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने इस बार बांध को पूरी क्षमता 184 मीटर ऊंचाई तक भरे जाने की तैयारी की है। नोटिस जारी होने के बाद से गांव के लोगों में हड़कंप है। मऊरानीपुर के लखेरी गांव के पास 2003 से चौ.चरण सिंह लखेरी बांध परियोजना आरंभ हुई। इसकी मदद से महेबा, किशोरपुरा, दुबारा, चिरौरा, तुर्क लैचूरा, कुटौरा समेत करीब तीन दर्जन गांवों की 3168 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। बांध का निर्माण कार्य पिछले वर्ष पूरा हो चुका। प्रायोगिक तौर पर इसका एक हिस्सा भरा भी गया लेकिन, 184 मीटर ऊंचाई की पूरी क्षमता के साथ यह आज तक नहीं भरा गया। इस बार बांध को पूरा भरे जाने की तैयारी है। इसको देखते हुए अतिरिक्त डूब क्षेत्र में आने वाले रेवन, बछेरा एवं बुढाई गांव को भी पूरी तरह खाली कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग ने इस गांव के लोगों को 30 जून तक गांव पूरी तरह खाली कर देने के लिए नोटिस जारी किया है हालांकि इसके पहले भी गांव खाली करने को लेकर नोटिस जारी हुई लेकिन, ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्रवाई टाल दी गई। सबसे अधिक विरोध बुढ़ाई गांव में हो रहा। तीनों गांवों में कुल करीब एक हजार लोगों की आबादी निवास कर रही है। ग्रामीण उचित विस्थापन न होने का आरोप लगाते हुए नई आबादी के आधार पर पुर्नवास की मांग कर रहे लेकिन सिंचाई विभाग इसके लिए राजी नहीं। अभियंताओं का कहना है तयशुदा नियमों के मुताबिक सभी का पुर्नवास किया जा चुका। अभियंताओं का कहना है बांध का भौतिक परीक्षण कराया जा चुका। इस मानसून में बांध को पूरी क्षमता के साथ भरा जाएगा। इनसेट लागत में पचास करोड़ का इजाफा इस बांध परियोजना को 2010 तक पूरा हो जाना था लेकिन पूरा होने में करीब नौ साल का विलंब हुआ। शुरूआती दौर में पूरी परियोजना में 85 करोड़ की लागत आंकी गई लेकिन, विलंब के चलते लागत में लगातार इजाफा होता चला गया। अब तक परियोजना पर 130 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके जबकि तीन गांव में पुर्नवास का काम अभी तक शेष है। ऐसे में लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इनसेट 400 हेक्टेयर होगा डूब क्षेत्र पूरी क्षमता के साथ बांध भरे जाने पर करीब 400 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में शामिल हो जाएगी। यहां करीब 13 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी एकत्रित किया जाएगा। इसे नहरों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में भेजा जाएगा। सिंचाई विभाग अभियंताओं का दावा है कि सिंचाई के लिए सभी इलाकों में नहरें बना ली गई हैं। 000000000 30 जून की डेड लाइन तय की गई है हालांकि कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए कोशिश की जाएगी कि तालमेल के साथ काम हो। बांध को पूरी क्षमता से भरने संबंधी दूसरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिद्घार्थ, अधिशासी अभियंता लखेरी बांध सिंचाई खंड पंचम परियोजना
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