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Janmashtami 2020: इस बार महंगे बनेंगे कन्हैया के लिए लड्डू
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जन्माष्टमी 2020
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झांसी। इस बार जन्माष्टमी पर बनने वाले गुड़ के लड्डू कुछ ज्यादा ही महंगे पड़ेंगे। क्योंकि इन दिनों गुड़ के भाव शक्कर से भी ज्यादा है। लड्डू में लगने वाले खसखस के दाने तथा गरी के दाम भी बढ़े हुए हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी को लेकर चंद घंटे ही शेष रह गए हैं। अष्टमी की तारीख 2 दिन होने के कारण यह त्योहार महानगर में 11 और 12 अगस्त यानी 2 दिन मनाया जाएगा। घरों और मंदिरों में इस पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। कोरोना काल के कारण अधिकांश मंदिरों में सावधानी बरतें हुए कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं। हालांकि भगवान की जन्मोत्सव आरती भव्य होगी। त्योहार पर शगुन के रूप में घरों मंदिरों में गुड़ से बने लड्डू का प्रसाद
तैयार किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण कई खाद्यान्न वस्तुओं के दाम भी बढ़े हुए हैं। इनमें गुड़ भी है जो वर्तमान में 45 से 50 रुपये तक प्रति किलो की बिक्री में है। इससे पहले 25 से 30 रुपये किलो था। जबकि शक्कर इन दोनों 37 से 38 रुपए प्रति किलो बिक रही है। लड्डू में लगने वाली गरी 200 से 220 रुपये और खसखस के दाने 1200 रुपये प्रति किलो की बिक्री में है। किराना व्यापारियों के अनुसार गरी में 20 से 30 रुपये और खसखस के दाने में सौ से डेढ़ सौ रुपये के भाव बढ़े हैं। सीपरी के किराना व्यापारी प्रभु दयाल साहू के अनुसार महानगर के बाजार में गुड़ बुलंदशहर से आता है। गुड़ के महंगा होने की वजह माल का आवक कम होना है साथ ही इस मौसम में गुड़ बनता भी नहीं है।
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आज मनेगी बलदाऊ जयंती
महानगर में आज रविवार को भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ का जन्मोत्सव पर्व हरछठ मनाया जाएगा। महिलाएं इस पर्व पर अपने पुत्र की लंबी आयु सुख समृद्धि के लिए व्रत रखती है तथा हल से जुता हुआ अन्न नहीं खाती है। सात प्रकार के अनाजों की पूजा करती है। सदर बाजार में भगवान बलदाऊ के मंदिर में दोपहर 12.00 बजे जन्मोत्सव आरती होगी और हलधर की झांकी सजाई जाएगी।
इस बार शहर का बाजार बंद होने से भगवान कृष्ण के झूलेए मोर पंख तथा अन्य श्रृंगार की सामग्री भक्तों को मिल नहीं पा रही है। उन्हें सीपरी और सदर के बाजारों में रुख करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि शहर में कई ऐसी दुकानें हैं जो जन्माष्टमी पर परंपरागत रूप से उपयोग में आने वाली पूजा तथा श्रृंगार की सामग्री बेचते है।
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी को लेकर चंद घंटे ही शेष रह गए हैं। अष्टमी की तारीख 2 दिन होने के कारण यह त्योहार महानगर में 11 और 12 अगस्त यानी 2 दिन मनाया जाएगा। घरों और मंदिरों में इस पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। कोरोना काल के कारण अधिकांश मंदिरों में सावधानी बरतें हुए कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं। हालांकि भगवान की जन्मोत्सव आरती भव्य होगी। त्योहार पर शगुन के रूप में घरों मंदिरों में गुड़ से बने लड्डू का प्रसाद
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तैयार किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण कई खाद्यान्न वस्तुओं के दाम भी बढ़े हुए हैं। इनमें गुड़ भी है जो वर्तमान में 45 से 50 रुपये तक प्रति किलो की बिक्री में है। इससे पहले 25 से 30 रुपये किलो था। जबकि शक्कर इन दोनों 37 से 38 रुपए प्रति किलो बिक रही है। लड्डू में लगने वाली गरी 200 से 220 रुपये और खसखस के दाने 1200 रुपये प्रति किलो की बिक्री में है। किराना व्यापारियों के अनुसार गरी में 20 से 30 रुपये और खसखस के दाने में सौ से डेढ़ सौ रुपये के भाव बढ़े हैं। सीपरी के किराना व्यापारी प्रभु दयाल साहू के अनुसार महानगर के बाजार में गुड़ बुलंदशहर से आता है। गुड़ के महंगा होने की वजह माल का आवक कम होना है साथ ही इस मौसम में गुड़ बनता भी नहीं है।
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आज मनेगी बलदाऊ जयंती
महानगर में आज रविवार को भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ का जन्मोत्सव पर्व हरछठ मनाया जाएगा। महिलाएं इस पर्व पर अपने पुत्र की लंबी आयु सुख समृद्धि के लिए व्रत रखती है तथा हल से जुता हुआ अन्न नहीं खाती है। सात प्रकार के अनाजों की पूजा करती है। सदर बाजार में भगवान बलदाऊ के मंदिर में दोपहर 12.00 बजे जन्मोत्सव आरती होगी और हलधर की झांकी सजाई जाएगी।
इस बार शहर का बाजार बंद होने से भगवान कृष्ण के झूलेए मोर पंख तथा अन्य श्रृंगार की सामग्री भक्तों को मिल नहीं पा रही है। उन्हें सीपरी और सदर के बाजारों में रुख करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि शहर में कई ऐसी दुकानें हैं जो जन्माष्टमी पर परंपरागत रूप से उपयोग में आने वाली पूजा तथा श्रृंगार की सामग्री बेचते है।