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बंद ला फास्टा की जगह को वापस लेगा रेलवे
झांसी/ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:53 AM IST
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झांसी। रेलवे स्टेशन पर बंद चल रहे ला फास्टा की जगह को रेलवे वापस लेगा। विभाग किसी दूसरे को ठेका देने की तैयारी में है।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने झांसी रेलवे स्टेशन पर ला फास्टा फूड प्लाजा खोलने का लाइसेंस मुंबई के सनसाइन कैटरर्स को दिया था। कंपनी ने छह जून 2012 को ला फास्टा का संचालन शुरू किया था। इस खानपान गृह के खुलने से स्टेशन पर नई रौनक आ गई थी। वीआईपी व माध्यम वर्ग के परिवारों को ला फास्टा पर लजीज व्यंजन मिलना शुरू हो गए थे।
मगर, पिछले लंबे समय से कंपनी द्वारा 3833649 रुपये बकाया जमा नहीं करने पर आईआरसीटीसी के रीजनल डायरेक्टर (वेस्ट जोन) वीरेंद्र सिंह के निर्देश पर आठ मई 2015 को ला फास्टा बंद करा दिया गया था। लाइसेंस फीस जमा करने पर 27 अगस्त को ला फास्टा का दोबारा संचालन शुरू हो गया था।
इसके बाद रेलवे ने 26 अक्तूबर को ला फास्टा में रेल नीर की जगह दूसरी कंपनी की बोतलेें बिकती पाए जाने पर दस हजार रुपये जुर्माना जमा कराया था। साथ ही ला फास्टा को बंद करा दिया था। इस दौरान कंपनी ने रेलवे को पानी, बिजली के बकाया बिल करीब पांच लाख रुपये का चेक दिया, मगर वह बाउंस हो गया। इस पर ला फास्टा नहीं खुल सका। इसके बाद तीन नवंबर को लाइसेंस फीस जमा न होने पर आईआरसीटीसी ने भी ला फास्टा पर ताला लगवा दिया था।
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आईआरसीटीसी द्वारा रेस्टोेंरेंट का कोई उपयोग न करने के कारण अब रेलवे अपनी जगह वापस लेने की तैयारी रहा है। इस संबंध में सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने बताया कि जगह वापस लेने के लिए आईआरसीटीसी के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है, ताकि इसका सदुपयोग हो सके।
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भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने झांसी रेलवे स्टेशन पर ला फास्टा फूड प्लाजा खोलने का लाइसेंस मुंबई के सनसाइन कैटरर्स को दिया था। कंपनी ने छह जून 2012 को ला फास्टा का संचालन शुरू किया था। इस खानपान गृह के खुलने से स्टेशन पर नई रौनक आ गई थी। वीआईपी व माध्यम वर्ग के परिवारों को ला फास्टा पर लजीज व्यंजन मिलना शुरू हो गए थे।
मगर, पिछले लंबे समय से कंपनी द्वारा 3833649 रुपये बकाया जमा नहीं करने पर आईआरसीटीसी के रीजनल डायरेक्टर (वेस्ट जोन) वीरेंद्र सिंह के निर्देश पर आठ मई 2015 को ला फास्टा बंद करा दिया गया था। लाइसेंस फीस जमा करने पर 27 अगस्त को ला फास्टा का दोबारा संचालन शुरू हो गया था।
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इसके बाद रेलवे ने 26 अक्तूबर को ला फास्टा में रेल नीर की जगह दूसरी कंपनी की बोतलेें बिकती पाए जाने पर दस हजार रुपये जुर्माना जमा कराया था। साथ ही ला फास्टा को बंद करा दिया था। इस दौरान कंपनी ने रेलवे को पानी, बिजली के बकाया बिल करीब पांच लाख रुपये का चेक दिया, मगर वह बाउंस हो गया। इस पर ला फास्टा नहीं खुल सका। इसके बाद तीन नवंबर को लाइसेंस फीस जमा न होने पर आईआरसीटीसी ने भी ला फास्टा पर ताला लगवा दिया था।
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आईआरसीटीसी द्वारा रेस्टोेंरेंट का कोई उपयोग न करने के कारण अब रेलवे अपनी जगह वापस लेने की तैयारी रहा है। इस संबंध में सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे ने बताया कि जगह वापस लेने के लिए आईआरसीटीसी के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है, ताकि इसका सदुपयोग हो सके।