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कायाकल्प पुरस्कार : टीम ने परखी स्वास्थ्य सुविधाएं
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- सोमवार को आई टीम ने जिला और महिला अस्पताल का किया मूल्यांकन, सीएमओ को 75 फीसदी से ज्यादा अंक की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कायाकल्प पुरस्कार के लिए सोमवार को टीम ने जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का मूल्यांकन किया। साफ-सफाई, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर और मरीजों को मिलने वाली सुविधा को बारीकी से जाना। 75 फीसदी से ज्यादा अंक मिलने पर दोनों अस्पताल अगले चरण यानी एक्सटर्नल एसेसमेंट (बाहरी मूल्यांकन) में प्रवेश कर जाएंगे।
कायाकल्प अवार्ड के लिए सरकारी अस्पताल का तीन चरण में मूल्यांकन होता है। सोमवार को दूसरे चरण का मूल्यांकन करने हमीरपुर के डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट डॉ. लहरी, डिविजनल कंसलटेंट डॉ. फिरोज तथा डिविजनल कंसलटेंट डाॅ. मनीष खरे आए। टीम ने दोनों अस्पताल की हर व्यवस्था को बारीकी से परखा। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मूल्यांकन काफी अच्छा रहा है और उम्मीद है कि 75 फीसदी से ज्यादा अंक आएंगे। इससे अंतिम चरण बाहरी मूल्यांकन चक्र में प्रवेश कर जाएंगे। इस दौरान मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कटियार, वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीएस गुप्ता, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. गोकुल प्रसाद आदि मौजूद रहे।
0- क्या है कायाकल्प पुरस्कार
कायाकल्प पुरस्कार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सफाई और संक्रमण प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए मई 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कायाकल्प पुरस्कार के लिए सोमवार को टीम ने जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का मूल्यांकन किया। साफ-सफाई, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर और मरीजों को मिलने वाली सुविधा को बारीकी से जाना। 75 फीसदी से ज्यादा अंक मिलने पर दोनों अस्पताल अगले चरण यानी एक्सटर्नल एसेसमेंट (बाहरी मूल्यांकन) में प्रवेश कर जाएंगे।
कायाकल्प अवार्ड के लिए सरकारी अस्पताल का तीन चरण में मूल्यांकन होता है। सोमवार को दूसरे चरण का मूल्यांकन करने हमीरपुर के डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट डॉ. लहरी, डिविजनल कंसलटेंट डॉ. फिरोज तथा डिविजनल कंसलटेंट डाॅ. मनीष खरे आए। टीम ने दोनों अस्पताल की हर व्यवस्था को बारीकी से परखा। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मूल्यांकन काफी अच्छा रहा है और उम्मीद है कि 75 फीसदी से ज्यादा अंक आएंगे। इससे अंतिम चरण बाहरी मूल्यांकन चक्र में प्रवेश कर जाएंगे। इस दौरान मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कटियार, वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीएस गुप्ता, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. गोकुल प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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0- क्या है कायाकल्प पुरस्कार
कायाकल्प पुरस्कार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सफाई और संक्रमण प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए मई 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था।
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