{"_id":"5fe4eb778ebc3e41a325c25a","slug":"kathiya-weat-daliya-identyfie-to-jhansi-jhansi-news-jhs184344628","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठिया गेहूं का दलिया बनेगा झांसी की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठिया गेहूं का दलिया बनेगा झांसी की पहचान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर सरकार सभी जनपदों की प्रमुख खाद्य वस्तुओं को उनके जनपद के नाम के साथ पहचान देने की कवायद में जुटी है। इसके जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किए जाने की योजना है। बुंदेलखंड में होने वाले कठिया गेहूं से बना दलिया झांसी एवं ललितपुर में प्रचुर मछली उत्पादन को देखते हुए यहां मछली पालन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
ओडीओपी के जरिए प्रत्येक जनपद में एक उत्पाद योजना को सरकार आगे बढ़ा रही। सरकार को इसके जरिए उत्साहवर्धक परिणाम भी मिले हैं। इसे देखते हुए अब खाद्य वस्तुओं को भी जनपद स्तर पर प्रोत्साहित करने की योजना है। कुछ दिनों पहले लखनऊ में सभी जनपदों से उनके यहां निर्मित होने वाली खाद्य वस्तुओं के नमूने मंगवाए गए थे। झांसी से आटा, दाल, बेसन, मसाले, दलिया समेत खाद्य प्रसंस्करण के जरिए निर्मित होने वाली पांच दर्जन वस्तुएं भेजी गई थीं।
अधिकारियों का कहना है बुंदेलखंड में खास तौर से होने वाले कठिया गेहूं का दलिया को यहां के उत्पाद के तौर पर चिह्नित करने में सरकार ने दिलचस्पी दिखाई है। इसकी ब्रांडिंग के लिए नमूना केंद्र सरकार के पास भी भेजा जा रहा। अगर सहमति बनती है तब आने वाले समय में इसकी ब्रांडिंग खुद सरकार करेगी। यहां उत्पादन के लिए नवउद्योग भी लगाए जाएंगे। साथ ही, कठिया गेहूं उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसी तरह ललितपुर के बांधों में मछलियों की प्रचुरता को देखते हुए इसे मछली उत्पादन केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक शुद्घता के चलते बाजार में बुंदेलखंड की मछलियों की खासी मांग है। इसे देखते हुए यहां एक हब बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
यहां से नमूने के तौर पर कठिया गेहूं से बना दलिया भेजा गया है। खाद्य प्रसंस्करण के तौर पर इसमें संभावना तलाशी जा रही हैं। शासन से स्वीकृत मिलने पर इस दिशा में आगे काम बढ़ाया जाएगा।
भैरम सिंह, उपनिदेशक उद्यान
विज्ञापन
ओडीओपी के जरिए प्रत्येक जनपद में एक उत्पाद योजना को सरकार आगे बढ़ा रही। सरकार को इसके जरिए उत्साहवर्धक परिणाम भी मिले हैं। इसे देखते हुए अब खाद्य वस्तुओं को भी जनपद स्तर पर प्रोत्साहित करने की योजना है। कुछ दिनों पहले लखनऊ में सभी जनपदों से उनके यहां निर्मित होने वाली खाद्य वस्तुओं के नमूने मंगवाए गए थे। झांसी से आटा, दाल, बेसन, मसाले, दलिया समेत खाद्य प्रसंस्करण के जरिए निर्मित होने वाली पांच दर्जन वस्तुएं भेजी गई थीं।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है बुंदेलखंड में खास तौर से होने वाले कठिया गेहूं का दलिया को यहां के उत्पाद के तौर पर चिह्नित करने में सरकार ने दिलचस्पी दिखाई है। इसकी ब्रांडिंग के लिए नमूना केंद्र सरकार के पास भी भेजा जा रहा। अगर सहमति बनती है तब आने वाले समय में इसकी ब्रांडिंग खुद सरकार करेगी। यहां उत्पादन के लिए नवउद्योग भी लगाए जाएंगे। साथ ही, कठिया गेहूं उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसी तरह ललितपुर के बांधों में मछलियों की प्रचुरता को देखते हुए इसे मछली उत्पादन केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक शुद्घता के चलते बाजार में बुंदेलखंड की मछलियों की खासी मांग है। इसे देखते हुए यहां एक हब बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
यहां से नमूने के तौर पर कठिया गेहूं से बना दलिया भेजा गया है। खाद्य प्रसंस्करण के तौर पर इसमें संभावना तलाशी जा रही हैं। शासन से स्वीकृत मिलने पर इस दिशा में आगे काम बढ़ाया जाएगा।
भैरम सिंह, उपनिदेशक उद्यान