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करगुवां पहाड़ी की हो रही कटान

Mon, 18 Mar 2019 01:34 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Mon, 18 Mar 2019 01:34 AM IST
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karaguan hill cut again
karguan hill jhansi - फोटो : amar ujala, jhansi news
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से सटी हुई करगुवां पहाड़ी को काटकर समतल करने का काम इन दिनों तेजी से किया जा रहा है। जबकि, तीन माह पहले यहां हो रहे खनन के दौरान मिट्टी में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई कमेटी ने इसे असुरक्षित जोन बनाने की सिफारिश की थी।
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पिछले साल नवंबर में करगुवां पहाड़ी खोद रहे दो मजदूरों की मिट्टी में दबकर मौत हो गई थी। ‘अमर उजाला’ ने मजदूरों की मौत और मिट्टी के खनन के मामले में सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई थी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने पहाड़ी पर अवैध खनन रोकने के लिए इसे असुरक्षित जोन बनाने की सिफारिश की थी।
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इधर, मामले को तीन महीने बीतने के बाद फिर से पहाड़ी से मिट्टी काटी जा रही है। कई दिनों से ये काम जारी है। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा समतल कर भी दिया गया है। रोजाना कई ट्रैक्टर और डंपर के माध्यम से मोरंग की ढुलाई की जा रही है। बावजूद, इसकी भनक न ही प्रशासन को है और न ही पुलिस को।  
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कमेटी ने यह की थी सिफारिश

- पहाड़ी पर पूर्ण रूप से खनन रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
- अनावासीय भूभाग में सीमेंट के पोल व कंटीले तार लगाकर फेंसिंग की जाए।
- क्षेत्र में धारा 144 लागू की जाए।
- जेडीए सचिव और संबंधित थाने को उत्तरदायी बनाकर जिम्मेदारी तय की जाए।  
- नगर निगम की भी जिम्मेदारी तय कर पहाड़ी पर खनन रोका जाए।

25 साल से काटी जा रही
करगुवां पहाड़ी की 15.994 हेक्टेयर जमीन विभिन्न काश्तकारों के नाम दर्ज है। 25 साल से इस पहाड़ी की मिट्टी काटी जा रही है। लोगों ने यहां अपने आवास खड़े कर लिए हैं। खास बात यह है कि अधिकांश मकान जेडीए से बगैर नक्शा पास कराए बना लिए गए हैं। मेडिकल और यूनिवर्सिटी के पास पहाड़ी होने के कारण यह आसानी से बिकती है।


असुरक्षित जोन के मायने
करगुवां पहाड़ी पर बरसात के दौरान मिट्टी के धसकने की आशंका बनी रहती है। यही कारण रहा था कि मिट्टी के धसकने से पहाड़ी पर कटान कर रहे दो मजदूरों की मिट्टी में दबकर मौत हो गई थी। इसलिए रिपोर्ट में सिफारिश कर इसे असुरक्षित जोन बनाने की बात कही गई थी।

मामले की जांच कराई जाएगी। पहाड़ी पर किसी भी प्रकार से अवैध कटान का काम किया जा रहा है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
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