फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   kanya sumangla yojna

अफसरों के दफ्तरों में अटकी कन्या समुंगला योजना, 7300 बेटियों को अपने आवेदन पर साहब की मुहर का इंतजार

Sat, 29 Feb 2020 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
kanya sumangla yojna
झांसी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ पर अफसरों की लापरवाही पलीता लगा रही है। जिले में योजना के 7,300 आवेदन अलग-अलग कार्यालयों में सत्यापन के इंतजार में लंबित पड़े हुए हैं। तय लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 15 फीसदी का ही चयन इस योजना के तहत हो पाया है। जबकि, लक्ष्य पूरा करने के लिए महज एक माह का समय ही बचा है।
विज्ञापन

निर्धन परिवार की बेटियों की पढ़ाई में पैसा बाधा न बने, इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से अक्तूबर 2019 में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत छह किस्तों में बालिका को पंद्रह हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। झांसी जनपद में बीस हजार बालिकाओं को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया था। इसे पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का समय है। योजना का लाभ पाने के लिए जिले में अब तक 12,225 आवेदन आ चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 3,197 का ही चयन हो पाया है। 7,300 आवेदन जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी व उप जिलाधिकारी कार्यालय में सत्यापन के इंतजार में लटके हुए हैं। इन कार्यालयों से आवेदन में दर्ज की गई कक्षा, निवास स्थान, परिवार की आय का सत्यापन किया जाना है। लेकिन, सरकारी तंत्र की लापरवाही की वजह से तमाम बालिकाएं योजना के लाभ से वंचित बनी हुई हैं।
विज्ञापन

छह श्रेणी में मिलता है लाभ
योजना की प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म पर दो हजार, दूसरी श्रेणी बालिका के एक साल की होने पर एक हजार, तीसरी श्रेणी कक्षा एक में प्रवेश पर दो हजार, चतुर्थ श्रेणी कक्षा में प्रवेश पर दो हजार, पांचवीं श्रेणी कक्षा नौ में प्रवेश पर तीन हजार तथा छठवीं श्रेणी 10वीं या 12वीं पास कर स्नातक या दो साल व उससे अधिक के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर पांच हजार रुपये देने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की सालाना आय तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। उप्र का स्थायी निवासी होना जरूरी है। परिवार में दो से ज्यादा बच्चे न हों। अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ दिया जाता है। आवेदन https://mksy.up.gov.in पर कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कन्या सुमंगला योजना बालिका शिक्षा को प्रेरित करने वाली योजना है। शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र बालिका इसके लाभ से वंचित न रहे। लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द सत्यापन कराया जाएगा। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed